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कांग्रेस ने उड़ाया ममता की पहल का मजाक

Tue, 20 Nov 2012 12:28 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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ममता बनर्जी के अविश्वास प्रस्ताव की चुनौती पर यूपीए सरकार और कांग्रेस ने लोकसभा में बहुमत का आंकड़ा होने की ताल ठोक दी है। साथ ही तृणमूल कांग्रेस प्रमुख की पहल का मजाक उड़ाते हुए कहा है कि इतिहास में पहली बार 19 सांसदों वाली पार्टी अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश कर रही है। सरकार ने बनर्जी से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
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22 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सरकार ने रिटेल में एफडीआई पर विपक्ष के तेवरों को भांपते हुए आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दांव को भोथरा करने में जुटी सरकार ने उन पर खुलकर वार करना शुरू कर दिया है। केंद्र किसी भी सूरत में अपनी कमजोरी दिखाना नहीं चाहती।

सोमवार को सरकार और कांग्रेस ने एक स्वर में कहा कि संसद में सरकार हर चुनौती से पार पा लेगी। वह किसी भी मुद्दे पर बहस के लिए तैयार है। जहां सरकार ने संसद में 305 सांसदों तो कांग्रेस ने 272 से ज्यादा सांसदों के समर्थन का दावा किया है। ममता ने यूपीए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर भाजपा से भी समर्थन मांगा है।
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सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने बनर्जी की कोशिश पर चुटकी लेते हुए कहा है कि इतिहास में पहली बार 19 सांसदों वाली पार्टी अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि बनर्जी एक तरफ सांप्रदायिक शक्तियों की गोद में बैठ रही है तो दूसरी तरफ ऐसी पार्टियों से समर्थन लेने को तैयार हैं, जिनके खिलाफ वह दशकों से संघर्ष करती रही हैं। तिवारी ने बनर्जी को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की सलाह दी है।

मंत्री ने दावा किया कि सरकार के पास पूरे नंबर हैं और उसे कोई खतरा नहीं है। कांग्रेस का भी कहना है कि संसद में सरकार हर तरह से मजबूत है। वह विपक्ष की हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है और हर नियम के तहत बहस करने को राजी है। कांग्रेस प्रवक्ता संदीप दीक्षित ने कहा कि सरकार के पास पर्याप्त बहुमत है। संसद में ऐसी नौबत आने पर वह बहुमत साबित कर देगी। सरकार की ओर से खुद विश्वास प्रस्ताव लाने के सवाल को उन्होंने खारिज कर दिया। दीक्षित ने कहा कि परमाणु समझौते के दौरान और अब की परिस्थितियां अलग अलग है। इस समय सरकार की ओर से विश्वास प्रस्ताव लाने की कोई संभावना नहीं है।
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