कांग्रेस ने शनिवार को महिलाओं के खिलाफ अपराध के लिए सख्त कानून बनाने के लिए जस्टिस जेएस वर्मा की कमेटी को अपने सुझाव सौंपे। हालांकि केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी बलात्कारियों को रासायनिक प्रक्रिया से नपुंसक बनाने के पक्ष में नहीं है।
कांग्रेस के महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि दिल्ली गैंगरेप की घटना के बाद देशभर में भड़के आक्रोश के चलते गठित कमेटी को पार्टी ने अपने सुझाव सौंप दिए हैं। हालांकि कमेटी को सौंपे गए सुझावों की तत्काल विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी है। कांग्रेस बलात्कार के दोषियों को 30 साल तक की कैद, फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन और नाबालिग की उम्र को घटाने के पक्ष में है।
रेणुका चौधरी समेत कई अन्य नेताओं ने बलात्कारियों को रासायनिक प्रक्रिया से नपुंसक बनाने की मांग की थी लेकिन पार्टी ने साफ किया था कि ऐसा कोई भी सुझाव पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा नहीं दिया गया है। पार्टी अध्यक्ष ने हाल ही में इस मसले पर पार्टी के शीर्ष नेताओं और विशेषज्ञों से चर्चा की थी।
केंद्र सरकार ने 23 दिसंबर को महिलाओं के खिलाफ अपराध के लिए मौजूदा कानून की समीक्षा और कानून को सख्त बनाने के लिए सिफारिशों के लिए वर्मा कमेटी का गठन किया था। यह कमेटी 30 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।