दिल्ली में दरिंदगी का शिकार हुई युवती के भाई ने कहा है कि यदि उसकी बहन को सही वक्त पर इलाज मिल जाता तो आज वह जीवित होती। उसने कहा कि घटना के बाद उसे इलाज मिलने में काफी देरी हुई थी।
बलिया स्थित गांव में भाई ने शनिवार को ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि मेरी दीदी ने मुझे बताया था कि घटना के बाद उसने वहां से गुजर रहे लोगों से मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी।
काफी देर बाद उस सड़क पर गश्त कर रहा एक व्यक्ति रुका, उसने पुलिस को सूचना दी, तब जाकर पुलिस आई। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इस सब में करीब दो घंटे बर्बाद हो गए। तब तक दीदी के शरीर से काफी खून बह चुका था।
भाई ने कहा कि यदि तब वहां से गुजर रहे लोगों ने मेरी दीदी की मदद की होती और उसे अस्पताल पहुंचा दिया होता तो उसकी जान बच जाती। उसने कहा कि लोगों को रवैये में बदलाव लाना होगा। भाई ने भरोसा जताया कि दीदी के गुनहगारों को फांसी की सजा मिलेगी।
बहन की याद करते हुए उसने बताया कि दीदी को फिल्में देखने का बहुत शौक था। वह आमिर खान की फैन थी। हम तीनों भाई-बहन ने हाल ही में आमिर की फिल्म ‘तलाश’ साथ देखी थी
वह अपनी दीदी का फोटो, किताबें और अन्य सामान अपने साथ रखे हुए है। उसने बताया कि दीदी अपनी पढ़ाई के साथ मुझे रोज पढ़ाती थी। वह मुझे इंजीनियर बनाना चाहती थी।
नेताओं के बेतुके बयानों पर बरसा भाई
भाई ने दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर नेताओं के बेतुके बयानों की भी तीखी आलोचना की। उसने कहा कि मेरी दीदी ने तो घटना के दिन अपनी ड्रेस के साथ घुटने तक नीचा ओवर कोट पहना हुआ था। फिर उसके साथ ऐसी घटना क्यों हुई।
उसने कहा कि नेताओं के ऐसे बयानों से ही अपराधियों को बढ़ावा मिलता है। भाई ने बलात्कारियों को फांसी की सजा पर केंद्र और राज्यों की बैठक में सहमति नहीं बन पाने पर भी निराशा जाहिर की।