चलती बस में 23 वर्षीय युवती से गैंगरेप के बाद देशभर में भड़के गुस्से को देखते हुए कांग्रेस बलात्कारियों के खिलाफ सख्त प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है।
पार्टी अपने प्रस्ताव में रेप के जघन्य मामलों के दोषियों को रासायनिक प्रक्रिया से नपुंसक बनाने, 30 साल तक की सजा और तीन महीने में फैसला करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का सुझाव शामिल कर सकती है। कांग्रेस अपनी सिफारिशों का प्रस्ताव सरकार द्वारा गठित जस्टिस जेएस वर्मा की कमेटी को सौंपेगी।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस दुष्कर्म के मामलों को रोकने के लिए सख्त विधेयक का मसौदा तैयार कर रही है। इसमें बलात्कार के दोषियों को 30 साल तक की सजा और तीन महीने में निर्णय करने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन करना भी शामिल है। मसौदे के इन कड़े प्रावधानों को लेकर बाकायदा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की मौजूदगी में 23 दिसंबर को उस वक्त चर्चा हुई थी, जब उन्होंने प्रदर्शन करने वाले युवाओं के एक समूह के साथ बैठक की थी।
कहा जा रहा है कि इन बातों को लेकर कांग्रेस कोर कमेटी की पिछली बैठकों में भी चर्चा हो चुकी है। सूत्रों का कहना है कि जब कांग्रेस अध्यक्ष प्रदर्शनकारियों से मिली थीं तो राज्यसभा सांसद रेणुका चौधरी ने कहा था कि बलात्कार के दोषियों को रसायनिक प्रक्रिया से नपुंसक बनाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए ऐसी सजा के जरिए कई देशों में सफलता मिली है।
सोनिया ने ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए तीन महीने के अंदर पूरी करने की बात का समर्थन किया था। साथ ही बलात्कार के मामले में किसी किशोर उम्र के व्यक्ति के दोषी होने की स्थिति में किशोर को फिर से परिभाषित करने और उनकी आयु कम करने का सुझाव भी दिया था।