भाजपा को समर्थन ऑफर करने पर कांग्रेस ने एनसीपी पर करारा हमला बोला है। कांग्रेस के प्रवक्ता संदीप दीक्षित ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल पर जरूर कोई दूसरा दबाव है जिसकी वजह से उन्होंने बीजेपी को बिना शर्त समर्थन का प्रस्ताव दिया है।
विधानसभा चुनाव परिणामों पर कांग्रेस का कहना है कि लोकसभा चुनाव में जो ट्रेंड चल रहा था, ये परिणाम भी उसी की एक कड़ी है। संदीप दीक्षित ने दोनों राज्यों में किसी तरह की सरकार विरोधी लहर से इनकार किया है। दीक्षित ने इसे भाजपा के प्रचार का असर करार दिया। दीक्षित ने कहा कि अगर हम साथ मिलकर लड़े होते तो भाजपा को हरा सकते थे लेकिन ऐसा नहीं होने के चलते परिणाम सबके सामने हैं।
दस साल तक साझा सरकार चलाने वाली दोनों पार्टियां इस चुनाव में अलग-अलग मैदान में उतरी थीं। कई दिनों की कश्मकश के बावजूद दोनों में सीटों की संख्या को लेकर कोई समझौता नहीं हो सका था और दोनों ही पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया था। दोनों पार्टियों के वोट बंटने से इन्हें खास नुकसान उठाना पड़ा और बीजेपी को इसका फायदा हुआ। कांग्रेस केवल 42 और एनसीपी 41 सीटों तक ही सिमट कर रह गई।