नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में घिरे आसाराम ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। इसके जवाब में देश के कोने-कोने से कांग्रेस नेताओं ने आसाराम पर हल्ला बोल दिया है।
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि आसाराम अगर भगवान के अवतार हैं तो फिर जोधपुर पुलिस से भागे-भागे क्यों फिर रहे हैं। वह पहले इंदौर आए, फिर सूरत चले गए। शायद उन्हें शिवराज सिंह चौहान से ज्यादा भरोसा नरेंद्र मोदी पर है।
मुकेश नायक और रामेश्वर नीखरा जैसे कांग्रेस नेताओं ने भी आसाराम पर हमला बोला है।
इस बीच, आसाराम के पक्ष में बयान देने वाले भाजपा नेता अचानक खामोश हो गए हैं। लिहाजा जंग अब सीधे-सीधे आसाराम और कांग्रेस के बीच हो गई है।
उधर, आसाराम को बयान देने व पूछताछ के लिए शुक्रवार को जोधपुर पुलिस के समक्ष पेश होना होगा। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।
उधर, आसाराम ने धार्मिक आयोजनों में व्यस्तता के चलते जोधपुर पुलिस से मोहलत मांगी थी। पुलिस ने इस अनुरोध को ठुकरा दिया है।
इस मामले के अन्य नामजद आरोपी आसाराम के प्रमुख सेवक शिवा, मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित गुरुकुल की हॉस्टल वार्डन शिल्पी व इस हॉस्टल के अटेंडेंट केशव ने जोधपुर पुलिस से फैक्स के जरिए हाजिरी माफी मांगी है।
हालांकि तीनों आरोपियों से छिंदवाड़ा पहुंचकर पुलिस टीम पूछताछ कर चुकी है। उनके बयान भी दर्ज हो चुके हैं।
आसाराम बृहस्पतिवार को अपने समधी देव कृष्णानी की अंत्येष्टि में पहुंचे थे। वे भोपाल के राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंचने से पहले ही अपनी रणनीति तैयार कर चुके थे।
उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि वह किसी पार्टी का विरोध नहीं करते, लेकिन लोग बताते हैं कि यह सब मैडम और उनके सुपुत्र के इशारे पर चल रहा है।
आसाराम ने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को ही नहीं, बल्कि उनके भक्तों को भी प्रताड़ित किया जा रहा है।
आसाराम ने सोनिया गांधी का नाम लिए बगैर उनके ईसाई मूल को निशाना बनाया और बड़ी चतुराई से पूरे मामले को धर्मांतरण के मुद्दे से जोड़ दिया।
आसाराम ने कहा कि साढ़े चार साल से धर्मांतरण कराने वालों को इनका सपोर्ट मिल रहा है। आसाराम से जब पूछा गया कि क्या वे सोनिया गांधी पर आरोप लगा रहे हैं तो उन्होंने कहा कि मैं किसी पर आरोप नहीं लगा रहा।
उन्होंने संकेत दिया कि लोग उनके इशारे का इंतजार कर रहे हैं। देशभर का साधु समाज भी उन पर दबाव डाल रहा है। वे कह रहे हैं कि हम इतने सारे साधु हैं, बापू आज्ञा करो।
आसाराम ने कहा कि उन्होंने साधुओं से कहा है कि उनके खिलाफ जो हो रहा है उसे होने दें। उन्होंने यह भी कहा कि बहुत से साधु उनके साथ सूरत और मुंबई से आना चाहते थे, लेकिन उन्होंने सभी को रोक दिया।
आसाराम बड़ी सावधानी से कांग्रेस और उसके नेताओं पर निशाना साध रहे थे, लेकिन उस समय वे भड़क गए जब उनके साथ किसी पार्टी के होने का सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा कि उनके बचाव में कोई पार्टी नहीं है।
बाद में संवाददाता सम्मेलन में आसाराम ने कहा कि 75 साल के व्यक्ति पर ऐसे आरोप लगाना कहां तक उचित है। उन्होंने कहा कि एक बार दिल्ली आश्रम में उनके कमरे में लड़की का दुपट्टा और बाल रखने की कोशिश की गई थी।
मीडिया से बदसलूकी
आसाराम और उनके समर्थक मीडिया से खासे नाराज हैं। हवाई अड्डे पर पहले तो उनके समर्थकों ने मीडिया के विरुद्ध नारे लगाए। फिर आसाराम जब अपने समधी देव कृष्णानी की अंत्येष्टि में पहुंचे तो भड़क गए।
एक महिला रिपोर्टर के सवाल पर उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आसाराम ने उस रिपोर्टर से कहा कि तेरे दिमाग में अक्ल जैसी कोई चीज है या नहीं। यह कोई मौका है इस तरह के सवाल पूछने का। कुछ तो शरम आना चाहिए आप लोगों को।
भाजपा हुई खामोश
नरेंद्र मोदी के निर्देश के बाद भाजपा नेताओं ने आसाराम के समर्थन में बयान देना बंद कर दिया है। इस पूरे मामले में भाजपा ने कोई बयान नहीं दिया है।
समझा जा रहा है कि भाजपा ने रणनीतिक रूप से आसाराम को सीधे कांग्रेस के सामने मैदान में उतार दिया है। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में दो महीने रह गए हैं। ऐसे में भाजपा चाहेगी कि आसाराम और कांग्रेस का संघर्ष तेज हो।