2007 विधान सभा चुनाव में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को 'मौत का सौदागर' कहा था, अब कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने परोक्ष रूप से मोदी की तुलना यमराज से की है।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने गुरुवार को भारतीय उद्योग परिसंघ की बैठक में राहुल गांधी द्वारा दिए गए भाषण की आलोचना कर रहे भाजपा नेताओं को जवाब देते हुए कहा है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष ने तो घोड़े पर सवार मसीहा की बात कही थी। अगर वह मोदी की बात करते तो भैंसे पर सवार होने की बात कहते।
अल्वी ने परोक्ष रूप से मोदी की तुलना यमराज से करने की कोशिश की है। पौराणिक मान्यता के अनुसार यमराज की सवारी भैंसा है।
वहीं, कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा है कि वे गुजरात दंगों की तरह देश में भी दंगे दोहरा सकते हैं।
दरअसल, राहुल ने गुरुवार को भारतीय उद्योग परिसंघ की बैठक में परोक्ष रूप से मोदी के विकास मॉडल को ध्वस्त करने की, जिसके बाद भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर हमले किए। जवाब में शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं की फौज ने मोदी की घेरेबंदी शुरू कर दी।
मोदी के देश का कर्ज चुकाने के बयान पर सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने प्रहार किया कि उन्हें मोदी के बयानों से अक्सर चिंता हो जाती है।
उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि मोदी देश में वह नहीं करना चाहते जो उन्होंने 2002 में गुजरात में किया था। उनका इशारा गुजरात दंगों की तरफ था।
वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने भी गुजरात दंगों की ओर इशारा कर मोदी की तुलना यमराज से की।
अल्वी ने राहुल के भाषण पर कहा कि उन्होंने मोदी को निशाने पर नहीं लिया था। अगर लिया होता तो वे एक आदमी के घोड़े पर नहीं भैंसे पर आने की बात कहते।
राहुल ने गुरुवार को कहा था कि कोई एक व्यक्ति एक अरब लोगों की समस्याओं का हल नहीं निकाल सकता। ऐसा नहीं हो सकता कि कोई शख्स घोड़े पर आए और सभी की परेशानियां दूर कर दे। वहीं
मोदी के देश की सेवा करने के बयान पर अल्वी ने कहा कि भगवान राम की दया दृष्टि और खुदा की खैर इस देश पर बनी रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि मोदी की जहां तक दिल्ली आने की बात है तो यह तो हजारों ख्वाहिशों वाली जैसी बात है।
तब मौत का सौदागर अब यमराज
मोदी की तुलना यमराज से कर कांग्रेस ने वर्ष 2007 में गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान छिड़ी जुबानी जंग की याद भी ताजा कर दी। तब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी को मौत का सौदागर करार दिया था।
हालांकि माना जाता है कि यह दांव कांग्रेस पर उल्टा पड़ा और चुनावों में उसे शिकस्त मिली। इसलिए हाल में हुए चुनावों में मोदी पर गुजरात दंगों को लेकर हमला करने से सख्त परहेज किया।