चुनाव में भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा ढूंढ रही कांग्रेस इस बहस को और आगे ले जाने के मूड में दिख रही है।
लिहाजा, चुनाव आयोग में इस मामले में भाजपा की शिकायत के जवाब में कांग्रेस राहुल के आरोपों को साबित करने में जुट गई है। आयोग में भाजपा की शिकायत का जवाब देने के लिए कांग्रेस कई दस्तावेज और सामग्री जुटा रही है।
संघ पर निशाना साध रही कांग्रेस
कांग्रेस का कानूनी और मानवाधिकार विभाग बाकायदा इस कार्य में जुटा हुआ है। पार्टी इस बहस में भाजपा को मात देने की कोशिश में है।
महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे के भाई के इंटरव्यू से लेकर इस संबंध में गठित न्यायमूर्ति कपूर आयोग की रिपोर्ट को आधार बनाकर पार्टी यह साबित करने में जुट गई है कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे आरएसएस का हाथ था।
पार्टी के कानूनी और मानवाधिकार विभाग के सचिव के सी मित्तल कहते हैं कि इस संबंध में इतने दस्तावेज हैं कि इस बात को भाजपा और आरएसएस के लिए झुठलाना आसान नहीं है।
BJP को असहज करना चाहती है कांग्रेस
दरअसल, चुनाव आयोग में पार्टी इस मामले को गरमाकर चुनाव के मौसम में भाजपा को असहज करना चाहती है। मित्तल कहते हैं कि 1994 में नाथूराम गोडसे के भाई गोपाल गोडसे ने एक अंग्रेजी पत्रिका को इंटरव्यू दिया था।
उसमें गोडसे के आरएसएस से जुड़े होने की बात को साफ शब्दों में कबूला गया था। मित्तल कहते हैं कि 1965 में इस संबंध में गठित न्यायमूर्ति कपूर ने भी कहा था कि जिस तरह के सबूत उनके सामने आए हैं।
पटेल के सहारे भाजपा पर निशाना
इस मामले में दो गवाहों की मुकदमे के दौरान ठीक तरीके से जांच की जाती तो वीर सावरकर इस मामले में दोषी साबित होते। साथ ही पार्टी की वेबसाइट में सरदार पटेल के कुछ पत्रों को भी पेश किया गया है।
जिसमें कहा गया है कि संघ के हिंसक रवैये ने ऐसा माहौल बनाया, जिससे महात्मा गांधी की हत्या हुई। पार्टी का विभाग फिलहाल चुनाव आयोग के नोटिस का इंतजार कर रहा है। पार्टी इस मामले में खुलकर बल्लेबाजी कर रही है।
कांग्रेस महासचिव शकील अहमद कहते हैं कि जिस तरह से सूरज और चांद एक सर्वमान्य सच है। उसी तरह महात्मा गांधी की हत्या में आरएसएस का हाथ सर्वमान्य सत्य है।