संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र में कांग्रेस मोदी सरकार को नए सिरे से घेरने में जुट गई है। कांग्रेस कई मुद्दों पर ‘यू-टर्न’ का आरोप लगाते हुए मोदी सरकार के खिलाफ 33 पेज की पुस्तिका ला रही है। साथ ही पार्टी ने भाजपा पर चुनावी वादों से पीछे हटने और यूपीए सरकार की योजनाओं को अपना बनाने का भी आरोप लगाया है।
मोदी सरकार के कार्यकाल के छह महीने पूरे होने पर कांग्रेस विभिन्न मुद्दों पर नई सरकार के अपने पूर्व के बयानों से मुकरने को बड़ा सियासी मुद्दा बनाएगी। कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने ट्वीट कर जानकारी दी कि एक ओर जहां हम ‘यू-टर्न’ पर पुस्तिका लाने की तैयारी में हैं वहीं दूसरी ओर सरकार ने परमाणु मुद्दे को लेकर भी एक और पलटी मारी है।
खबर है कि मोदी सरकार परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम से कोई छेड़छाड़ नहीं करने जा रही है, जबकि 2008 में यूपीए सरकार के दौरान अमेरिका के साथ परमाणु करार के वक्त विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने इसका विरोध किया था।
सोशल साइटों पर सरकार के खिलाफ अभियान
कांग्रेस ने सोशल साइट पर मोदी सरकार के फैसलों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। इससे पहले कांग्रेस मोदी सरकार के 100 दिनों को कुशासन बताते हुए पुस्तिका ला चुकी है।
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार में पीएम मोदी ने पाक और चीन को आंख से आंख मिलाकर जवाब देने का वादा किया था लेकिन देखने को इसका उलटा मिल रहा है। पाक 400 बार सीज फायर का उल्लंघन कर चुका है। चीनी राष्ट्रपति भारत में थे और उधर चीनी सैनिक घुसपैठ कर रहे थे।
कांग्रेस संसद में भी पहले से ही काला धन और सांप्रदायिक हिंसा पर कड़ा रुख अख्तियार कर चुकी है। इससे पहले मानसून सत्र में सांप्रदायिक दंगों में बढ़ोत्तरी का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस सरकार पर हमला बोल चुकी है।
इन मुद्दों पर घेरेगी कांग्रेस
कांग्रेस मोदी सरकार पर काला धन वापस लाने, जम्मू-कश्मीर चुनाव में अनुच्छेद 370 से दूरी, एनसीपी से समर्थन, आधार को अनिवार्य करने, चीन-पाक से निपटने में कमजोर रवैए, नगद सब्सिडी, बीमा में एफडीआई, जीएसटी जैसे मुद्दे को लेकर यू-टर्न का आरोप लगा रही है। इन मुद्दों को कांग्रेस संसद में जोर शोर से उठाने वाली है।