भाजपा के अपने अध्यक्ष नितिन गडकरी को क्लीन चिट देने पर कांग्रेस ने जबरदस्त चोट की है। कांग्रेस ने कहा है कि बात-बात पर प्रधानमंत्री से इस्तीफा मांगने वाली भाजपा का अब असली चेहरा सामने आ गया है।
पार्टी ने भाजपा से सवाल पूछा है कि गडकरी को क्लीन चिट देने के बाद अब उनकी नैतिकता के मूल्य आखिर कहां गए। वहीं, गडकरी से जुड़े विवादों की वजह से अब सवालों की झड़ी कांग्रेस से हटकर भाजपा की ओर मुड़ गई है।
कांग्रेस प्रवक्ताओं के चेहरे खिल उठे हैं क्योंकि अब उन्हें यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार और महंगाई के मसले पर मीडिया के ताबड़तोड़ सवालों की बौछारों का सामना नहीं करना पड़ रहा। कांग्रेस के नेताओं में भाजपा पर निशाना साधने की होड़ मच गई है।
पार्टी प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगने वाली भाजपा को अब अपने गिरेबां में झांकना चाहिए। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि गडकरी ने येदियुरप्पा के भ्रष्टाचार पर कहा था कि यह अनैतिक है या लेकिन गैरकानूनी नहीं। लेकिन भाजपा ने गडकरी की कंपनियों में गड़बड़ी पर कहा है कि यह न तो अनैतिक है और न ही गैरकानूनी। भाजपा की जय हो।
कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा कि गडकरी को पार्टी दफ्तर छोड़ कर अब अपना कारोबार संभालना चाहिए। विवेकानंद जैसे महापुरुष की तुलना एक अपराधी से करने से भाजपा की असली सोच सबके सामने आ गई है। कांग्रेस नेता और केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि गडकरी को अजब तरीके से क्लीन चिट दे दी गई। शिकायतकर्ता, जांचकर्ता और जज सब एक ही पक्ष से थे।
अरविंद केजरीवाल के इंडिया अंगेस्ट करप्शन पर भी परोक्ष हमला करते हुए तिवारी ने कहा कि भाजपा और कथित सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा अपनाए जाने वाले तरीके एक ही हैं। तिवारी ने यह भी कहा कि गडकरी पर लगे आरोप भाजपा की अंदरूनी लड़ाई का नतीजा हैं।