नरेंद्र मोदी सरकार और कांग्रेस में किसानों हितों के मुद्दों पर जबरदस्त राजनीतिक जंग छिड़ गई है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कांग्रेस पर किसानों से छल करने का आरोप लगाया तो कांग्रेस ने भी पलटवार में देर नहीं की।
मोदी ने कहा कि कांग्रेस भूमि अधिग्रहण पर भ्रम फैला रही है तो कांग्रेस ने फसल बर्बादी से परेशान किसानों के लिए कोई राहत न देने और भूमि अधिग्रहण कानून पर पलटी मारने का आरोप लगा कर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की।
आकाशवाणी पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम के तहत किसानों को संबोधित करते हुए पीएम ने पुराने कानून को हड़बड़ी में लाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसान और देश हित में इसमें कुछ बदलाव जरूरी थे। पुराने कानून में बदलाव से न केवल किसानों को पहले से ज्यादा लाभ होगा, बल्कि अध्यादेश में उनके बेहतर भविष्य का भी ख्याल रखा गया है।
पीएम ने अधिग्रहण के खिलाफ किसानों से अदालत का दरवाजा खटखटाने का अधिकार छीने जाने का भी खंडन किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने नए कानून में न केवल इस मामले में जिला स्तर पर सुनवाई की व्यवस्था की है, बल्कि विकसित भूमि पर किसानों की 20 फीसदी हिस्सेदारी और परिवार के एक सदस्य की नौकरी का भी प्रावधान किया है। पीएम ने अपने इस कार्यक्रम में बेमौसम की बारिश की मार से तबाह हुए किसानों के लिए किसी तरह के राहत की घोषणा नहीं की।
हालांकि अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने इसी मुद्दे से की, मगर इस मामले में उन्होंने केंद्र के स्तर पर रिपोर्ट तैयार करने और राज्यों के साथ मिल कर राहत के उपाय तलाशने का आश्वासन भर दिया। मोदी ने कांग्रेस पर वार करते हुए कहा कि किसानों के साथ छह दशक तक छल करने वाले किसानों का हमदर्द बन कर आंदोलन चला रहे हैं। पीएम ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों, धन्नासेठों के लिए नहीं बल्कि किसानों और देशहित में हड़बड़ी में लाए गए पुराने कानून में जरूरी बदलाव किया है।
कांग्रेस ने खोला मोर्चा
पीएम के इन आरोपों से तिलमिलाई कांग्रेस ने मोर्चा खोलने में देर नहीं की। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल और यूपीए सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने मोदी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया।
अहमद पटेल ने कहा कि मोदी ने सत्ता में आते ही न्यूनतम समर्थन मूल्य में पचास फीसदी की बढ़ोतरी करने का वादा किया था। लेकिन इस वादे का क्या हुआ। उन्होंने कांग्रेस पर हमले के लिए जय जवान, जय किसान की जगह मर जवान, मर किसान का नारा लगाया था। लेकिन मोदी सरकार ने क्या किया। सरकार जो कर रही है उसे यू टर्न नहीं पलटी मारना कहना चाहिए। अहमद ने कहा, मोदी सरकार में किसान आत्महत्या कर रहे हैं और जवान आतंकवादियों के हाथों मारे जा रहे हैं। किसान हितों के मुद्दों पर उनके रुख को यू टर्न नहीं पलटी मारना कहना होगा।
पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि पीएम के पद की गरिमा रखते हुए मेरा आरोप है कि पीएम की मन की बात सरासर झूठ से भरी हुई थी। भूमि अधिग्रहण कानून में जिन 13 नियमों में संशोधन कर पीएम ने अपनी पीठ थपथपाई, उसका फैसला वर्ष यूपीए सरकार 2013 में कानून बनाते समय ही किया गया था। ये संशोधन रेलवे, सिंचाई से संबंधित थे।
मोदी का वार
कांग्रेस भूमि अधिग्रहण कानून के मामले में लोगों के बीच भ्रम फैला रही है।
छह दशक तक किसानों से छल करने वाले हमदर्द बन कर आंदोलन चला रहे हैं।
हमारी सरकार जय जवान-जय किसान की सरकार है। हम जवानों और किसानों की बेहतरी चाहते हैं।
फसल बर्बादी पर केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की मदद करेंगी। इस मामले में मैं सरकार को जगाऊंगा, दौड़ाऊंगा।
हमने धन्नासेठों के लिए नहीं बल्कि आम किसानों के लिए भूमि अधिग्रहण कानून में 13 बदलाव किए हैं।
कांग्रेस का पलटवार
भूमि अधिग्रहण मामले में मोदी की मन की बातें झूठ का पुलिंदा हैं।
किसानों के हितों की बात करने वाले अपने वादों से पलटी मार गए हैं।
मोदी सरकार के शासन में किसान आत्महत्या कर रहे हैं और जवान आतंकियों के हाथों मारे जा रहे हैं।
फसल बर्बादी से परेशान किसानों के लिए मोदी सरकार में कोई हमदर्दी नहीं है।
जिन 13 नियमों में संशोधन कर पीएम ने अपनी पीठ थपथपाई, उसका फैसला कांग्रेस ने किया था।