आईपीएल में रोज रोज हो रही बदनामी को लेकर कांग्रेस सतर्क हो गई है। आईपीएल से जुड़े कई कांग्रेसी नेताओं को लेकर पार्टी को जवाब देना भारी पड़ रहा है। लिहाजा, कांग्रेस पूरे मामले में चुप रहना ही बेहतर समझ रही है।
शनिवार को संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने बीसीसीआई प्रमुख श्रीनिवासन का इस्तीफा मांग लिया। वहीं केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने फिक्सिंग में सख्त कानून बनाने की बात कर डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की है।
आईपीएल में सामने आई मैच फिक्सिंग की गंदगी से कांग्रेस बचने की कोशिश में है। आईपीएल के मुखिया ही राजीव शुक्ला हैं। जोकि केंद्रीय राज्य मंत्री हैं। सरकार के हर छोटे बड़े फैसलों के मामले में उनकी सक्रियता देखने को मिलती है।
ऐसे मे पार्टी उनसे किनारा करने की स्थिति में नहीं है। इसलिए फिक्सिंग में कानून बनाने की बात कर सरकार और कांग्रेस अपनी स्थिति सुरक्षित कर रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी कहती है कि आईपीएल मैच फिक्सिंग में पार्टी का कोई लेना देना नहीं है। सरकार ने कानून बनाने की बात कर एक बेहतर पहल की है। यही नहीं अभी शुक्रवार को ही राजीव शुक्ला और भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली कपिल सिब्बल से कानून बनाने की मांग को लेकर मिल चुके हैं।
कांग्रेस सूत्रों का मानना है कि यह कोशिश भी डैमेज कंट्रोल की कोशिश थी। क्रिकेट और आईपीएल से सीधे और परोक्ष रूप से कांग्रेस के कई नेता जुड़े हैं। राजस्थान क्रिकेट के अध्यक्ष सी पी जोशी और मध्य प्रदेश क्रिकेट के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया सरकार में मंत्री हैं।
उधर, संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि श्रीनिवासन अपनी विश्वसनीयता खो चुके हैं और उन्हें पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आईपीएल में जो हुआ वह बहुत बुरा है। इससे खेल प्रेमी आहत हैं।