भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह के अंग्रेजी संबंधी बयान पर कांग्रेस भड़क गई है। उसने आरोप लगाते हुए कहा है कि विपक्षी दल भाजपा ने खुद अंग्रेजी बोलने वाले लोगों से ही अपने विजन दस्तावेज तैयार कराए हैं।
राजनाथ ने कहा था कि अंग्रेजी के प्रसार ने देश की संस्कृति को काफी आघात पहुंचाया है। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने शुक्रवार को कहा कि मुझे कभी कभी अपने दोस्तों पर हंसी आती है।
एक तरफ वह अपना विजन सिर्फ अंग्रेजी का इस्तेमाल करने वाले लोगों से तैयार कराते हैं और दूसरी तरफ अंग्रेजी का विरोध करते हैं। यह तो एक तरह से पाखंड है।
उन्होंने कहा कि ऐसा बयान देकर भाषा पर विवाद पैदा करने की कोशिश की गई है। एक भाषा को दूसरी भाषा से बेहतर बताने से देश की एकता मजबूत नहीं होगी।
ऐसी अपेक्षा एक जिम्मेदार राजनैतिक दल से नहीं की जा सकती।
तिवारी ने कहा कि इंटरनेट का इस्तेमाल करने के लिए छोटे बच्चों को अंग्रेजी की शिक्षा दी जाए या न दी जाए इस मसले पर हमारे देश के अलावा अन्य देशों में भी बहस हुई है।