मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सों में प्रवेश के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) द्वारा कॉमन प्रवेश परीक्षा नहीं कराने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ केंद्र सरकार समीक्षा याचिका दायर कर सकती है।
स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में एकमात्र रास्ता कानूनी विकल्प ही है।
आजाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश मेडिकल डिग्री हासिल करने के इच्छुक छात्रों के लिए परेशानी ही उत्पन्न करेगा और स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस फैसले पर कानूनी राय मांगी है।
शीर्ष कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि इससे हम बहुत दुखी हैं। उन्होंने अधिकारियों को अगली कार्रवाई के लिए कोर्ट के फैसले का अध्ययन करने को कहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार को बेहतर परिणाम की उम्मीद थी लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि कोर्ट का फैसला हमारे लिए थोड़ा हतोत्साहित करने वाला है क्योंकि हम कई चीजों को साफ करना चाहते थे।
सरकार की आगे की क्या योजना है, पर मंत्री ने कहा कि अब कानूनी रास्ता ही है। इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है।