डीएमके प्रमुख करुणानिधि की बेटी कनिमोझी को राज्यसभा चुनाव में समर्थन के बाद कांग्रेस और डीएमके के बीच में दूरियां घटना शुरू हो गई है।
शनिवार को खुद कनिमोझी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता टी आर बालू के साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की और उन्हें समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
सोनिया गांधी के निवास दस जनपथ पर लगभग आधे घंटे की इस मुलाकात के बड़े राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।
संसद के अगले सत्र और 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले अपने पुराने साथी के साथ दोबारा दोस्ती के संकेतों से कांग्रेस और यूपीए सरकार की स्थिति मजबूत हो गई है।
बैठक के बाद कनिमोझी ने कहा कि वह राज्यसभा चुनाव में समर्थन देने के लिए सोनिया गांधी का धन्यवाद देने आई थीं।
दोनों दलों के बीच भविष्य में फिर से दोस्ती के सवालों को उन्होंने टाल दिया। वहीं कांग्रेस ने भी ज्यादा कुछ बोलने से परहेज किया है।
दोनों पार्टियां भले ही कुछ न बोले लेकिन दोनों दोनों पार्टियों के बीच घटती दूरियां यूपीए गठबंधन के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो रहा है।
एनडीए से अलग से हुए जदयू के साथ भी कांग्रेस की नजदीकियां बढ़ रही है। ऐसे में डीएमके से दोस्ती की फिर से शुरूआत होने से कांग्रेस गदगद है।
पार्टी के नेताओं ने इस माहौल को आधार बनाकर 2014 में कांग्रेस के फिर से सत्ता में वापस लौटने के दावे ठोकने शुरू कर दिए हैं।