फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जदयू में बगावत, बागी नेता ने नीतीश के खिलाफ खोला मोर्चा

Thu, 25 Jul 2013 12:06 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो्
विज्ञापन
विज्ञापन
बिहार भाजपा में बगावत के बाद अब जदयू में भी असंतोष के सुर सामने आने लगे हैं। पार्टी महासचिव चंद्रराज सिंघवी ने नीतीश कुमार को स्वार्थी और गैरधर्मनिरपेक्ष बताते हुए इस्तीफा दे दिया है।
विज्ञापन


नई टीम में महासचिव और प्रवक्ता पद से छुट्टी होने के बाद वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी नाराज हैं। पार्टी के कुछ और सांसद नीतीश विरोधी मुहिम को हवा देने के लिए अनुकूल समय का इंतजार कर रहे हैं।

इसके अलावा पार्टी में कांग्रेस और यूपीए सरकार को मुद्दागत समर्थन के बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फैसले पर भी आमराय नहीं बन पा रही।

कहा जा रहा है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव खाद्य सुरक्षा विधेयक पर सरकार का समर्थन करने के पक्ष में नहीं हैं।

बिहार भाजपा में मोदी के सवाल पर हुई टूट के तीसरे दिन ही जदयू में भी फूट पड़ गई है। पार्टी महासचिव सिंघवी ने नीतीश को स्वार्थी और गैरधर्मनिरपेक्ष बताते हुए पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इतना ही नहीं सिंघवी ने मोदी की जमकर तारीफ भी की है।
विज्ञापन


उधर बीते मंगलवार को नई टीम से छुट्टी होने से आहत शिवानंद तिवारी के कोपभवन में चले जाने की भी खबर है।

हालांकि पार्टी लगातार इसका खंडन कर रही है। खुद नीतीश ने तिवारी के नाराज होने संबंधी खबरों को गलत बताया है, मगर पार्टी सूत्रों का कहना है कि तिवारी बेहद आहत हैं।

संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही पार्टी में यूपीए सरकार को मुद्दागत समर्थन देने के मामले में मतभेद गहरा गए हैं।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि नीतीश मुद्दागत समर्थन देकर राज्य के लिए ज्यादा से ज्यादा केंद्रीय मदद हासिल करना चाहते हैं। यही कारण है कि उन्होंने खाद्य सुरक्षा कानून का समर्थन किया था। मगर उनके इस रुख से शरद खुश नहीं हैं।

पहले ही इस कानून और खाद्य सुरक्षा योजना लागू करने के लिए अध्यादेश जारी करने का विरोध कर चुके शरद नहीं चाहते कि लोकसभा में उन्हें इस मामले में सरकार का बचाव करना पड़े।

इसके अलावा पार्टी सांसदों का एक गुट नीतीश पर सीधा हमला करने का मौका ढूंढ रहा है। अब इस गुट को वरिष्ठ नेता तिवारी का भी साथ मिलने की संभावना बढ़ गई है।

नीतीश ने शरद से मतभेद की बात को नकारा
इधर नीतीश कुमार ने मिड डे मील त्रासदी पर जद-यू अध्यक्ष शरद यादव से मतभेद की खबरों को खारिज किया है।

नीतीश ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष शरद यादव के साथ उनके किसी तरह के कोई मतभेद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह उनके बयान को लेकर पहले ही स्पष्टीकरण दे चुके हैं।

उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि इस घटना को लेकर उन पर लगाए गए आरोप उनकी ‘गंदी राजनीति’ को दर्शाते हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने हाल में दिए बयान को दोहराते हुए कहा कि मिड डे मील त्रासदी संयोग से नहीं हुई, इसके पीछे किसी की सोची समझी साजिश थी ताकि सरकार को अस्थिर किया जा सके।

मिड डे मील त्रासदी के बाद पहली बार पत्रकारों से मुखातिब नीतीश ने कहा कि फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में साजिश का पर्दाफाश हो गया है।
विज्ञापन


16 जुलाई को छपरा के एक सरकारी प्राइमरी स्कूल में मिड डे मील खाने से 23 बच्चों की मौत हो गई थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें