निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सत्ता में आए झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बृहस्पतिवार को 82 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में विश्वास मत हासिल करेंगे।
हालांकि सोरेन को विश्वास मत हासिल करने में कडे़ इम्तिहान से गुजरना पड़ सकता है। जहां विश्वास मत के खिलाफ समूचा विपक्ष लामबंद है।
वहीं गठबंधन के तीन विधायकों का विश्वास मत के दौरान उनकी मौजूदगी संदिग्ध बताई जा रही है। सोरेन ने 13 जुलाई को ही मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
इससे पहले उन्होंने नौ जुलाई को राज्यपाल सैयद अहमद से मिलकर उन्हें 43 विधायकों के समर्थन की सूची सौंपी थी।
सूत्रों के मुताबिक, सोरेन सदन में विश्वास मत का प्रस्ताव रखेंगे। इसके खिलाफ जहां विपक्ष ने मतदान करने का ऐलान किया है, वहीं क्रमश: अपहरण मामले और बीज घोटाले में आरोपों का सामना कर रहे सत्तारूढ़ झामुमो के दो विधायक सीता सोरेन और नलिन सोरेन फरार हैं।
जबकि कांग्रेस विधायक सावना लकड़ा अपनी पोती के ब्वॉयफ्रेंड की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
एंग्लो-इंडियन समुदाय से सदन के इकलौते नामांकित सदस्य जीजे गलस्तौन ने विपक्ष का साथ देने का फैसला किया है। मत बराबर होने की स्थिति में सदन के अध्यक्ष सीपी सिंह अपना वोट दे सकते हैं।