आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ‘दीन बचाओ दस्तूर बचाओ’ कान्फ्रेंस में जुटे देश भर के मुस्लिम और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े धर्मगुरुओं ने केंद्र सरकार पर विभिन्न धर्मावलंबियों के बीच नफरत का माहौल पैदा करने का आरोप लगाते हुए जमकर हमला बोला।
मुस्लिम के साथ बौद्ध, ईसाई, सिख, लिंगायत के धर्मगुरुओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी धर्म को नीचा दिखाने की कोशिश की गई तो चुप नहीं बैठेंगे।
संविधान किसी भी सरकार को ऐसा अधिकार नहीं देता है कि वह किसी मजहब की धार्मिक आजादी पर पाबंदी लगाए या सूर्य नमस्कार, योग और वंदेमातरम को जबरन थोपे। कान्फ्रेंस बोर्ड के कार्यकारी महासचिव मौलाना मोहम्मद वली रहमानी की सदारत में सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई।
दीन पर डटे रहो, बच्चों का ईमान खतरे में
जमीयत अल हदीस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अब्दुल बहाब ने कहा कि मुसलमानों अपनी दीन ईमान पर डटे रहो, बच्चों का ईमान खतरे में है, दस्तूर को बदलने की कोशिश की जा रही है। इसके खिलाफ अल्लाह के पैगाम को आम करें तभी दीन और दस्तूर को बचाया जा सकता है।
कांन्फ्रेंस को ईसाई धर्मगुरु एसी माइकल, बौद्ध विद्वान प्रोफेसर वीएस हस्टे, वामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम, मौलाना सईदी, मौलाना अब्दुल मोबीसी, काका सईद उमरी, फजुलुर्रहमान, मोहम्मद सूफियान साहब, ई. अबूबक्र, अनीसुर्रहमान कासमी, सुल्तान अहमद, शकील समदानी, आचार्य प्रमोद कृष्णम आदि ने भी संबोधित किया। इस दौरान कमाल फारुखी, कैबिनेट मंत्री महबूब अली भी मौजूद रहे। संचालन मुफ्ती अफ्फान ने किया।
धर्मगुरुओं के बोल
बोर्ड द्वारा की जा रही कांफ्रेंस वक्त की जरूरत है। इससे दीन को जगाने का कार्य किया जा रहा है।
शिया धर्मगुरु मौलाना डा. कल्बे सादिक
हुकूमत चाहे कुछ भी करे अगर हम दीन पर कायम हैं तो हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
मुफ्ती खलीलुर्रहमान सज्जाद नोमानी
संविधान ने सबको अपनी-अपनी धार्मिक आजादी दी है, यदि इस आजादी को खत्म करने की कोई कोशिश की गई तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
बोर्ड के सदस्य मौलाना यासीन अली उस्मानी
देश में कोई धर्म अकेला नहीं है, संख्या भले ही कम हो, यदि कोई दीन और दस्तूर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा तो हम सब एक साथ खड़े हैं।
ईसाई विद्वान डा. जान दयाल
गुरु तेगबहादुर ने जनेऊ और तिलक की रक्षा की थी, उसी तरह यदि किसी ने मुसलमानों की नमाज के हक पर पाबंदी लगाने की कोशिश की तो गुरु का खालसा उसी तरह मुसलमानों का साथ देगा।
सरदार बलदीप सिंह, सिख धर्म गुरु
जिस तरह हमारा धर्म स्वतंत्र है उसी तरह दूसरे धर्म भी स्वतंत्र हैं, भारत का प्रमुख ग्रंथ भारतीय संविधान है, कोई सरकार संविधान में मिले हक को नहीं छीन सकती।
लिंगायत धर्म गुरू जय मृत्युंजय
साध्वी को लेकर प्रमोद कृष्णम की फिसली जुबान
आल इंडिया मुस्लिम पसर्नल लॉ बोर्ड की ओर से ईदगाह मैदान में आयोजित दीन-दस्तूर बचाओ कांफ्रेंस में शिरकत करने पहुंचे आचार्य प्रमोद कृष्णम ने गुरुवार को साध्वी प्राची, साक्षी महाराज और प्रवीण तोगड़िया पर तंज कसे। बोले, साध्वी प्राची सूर्पणखा कहते हुए कहा कि यह लंका दहन कराएंगी।
उन्होंने भाजपा से जुड़े साधुओं को भी आड़े हाथ लिया। बोले कि, ये लोग धर्म के नाम पर देश का माहौल खराब कर रहे हैं। इनसे सावधान रहने की जरूरत है। इनकी वजह से ही देश में हिंदू और मुसलमानों के बीच की खाई बढ़ती जा रही है। साक्षी महाराज और प्रवीण तोगड़िया के खिलाफ भी भड़ास निकाली। बोले कि, दोनों किसी भी व्यक्ति का कुछ बिगाड़ नहीं पाएंगे।