कंडोम बेचने के कार्यक्रम की विफलता पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की जमकर खिंचाई की है।
कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) परियोजना के तहत कंडोम बेचने के लिए जो कार्यक्रम चलाया गया था, वह लक्ष्य हासिल कर पाने में विफल रहा ही है।
साथ ही 21.54 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की गई करीब 22 हजार कंडोम वेंडिंग मशीनों (सीवीएम) में से 10 हजार का तो अता पता ही नहीं है। अपनी रिपोर्ट में कैग ने कहा है कि शेष 12 हजार मशीनों में से ग्यारह सौ काम नहीं कर रही हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि नाको ने भी लचर सीवीएम योजना का सही क्रियान्वयन भी नहीं किया। मंत्रालय ने योजना को लागू करने के लिए गहन अध्ययन नहीं किया।
इस वजह से परियोजना को नाको ने बंद कर दिया। कैग ने पहले स्थापित की गई सीवीएम की स्थिति का जायजा लिए बिना दूसरे चरण में धन जारी किए जाने पर भी मंत्रालय के फैसले पर सवाल उठाएं है।
ट्विटर पर भी हुई सरकार की खिंचाई
कैग की इस रिपोर्ट से सरकार की लचर नीतियों की चारों और खिंचाई हो रही है। वहीं कैग की ये रिपोर्ट ट्विटर पर भी छाई है। ट्विटर पर इस रिपोर्ट को आधार बनाकर जमकर ट्वीट किए जा रहे हैं।
ट्विटर यूजर्स इस रिपोर्ट के आधार पर एक से एक मजेदार ट्वीट कर सरकार की खामियों पर सवाल उठा रहे हैं। घोटालों की श्रृंखला में भी ये भी एक नया घोटाला सामने आया है।