देश में कंडोम का क्रेज लगातार घटता जा रहा है। एक साल में मुफ्त कंडोम का इस्तेमाल करने वालों की संख्या में लगभग 15 फीसदी तो खरीदकर कंडोम इस्तेमाल करने वालों की संख्या में दस फीसदी तक की कमी आई है।
युगल परिवार नियोजन के अन्य तरीकों की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। इसके अलावा एक बड़ा कारण एड्स का हौवा कम होते जाना है। स्वास्थ्य मंत्रालय अब नए सिरे से इसके प्रचार-प्रसार की रणनीति तैयार कर रहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) द्वारा जुटाए गए ताजा आंकड़े बताते हैं कि साल 2010-11 के दौरान मध्य प्रदेश में लगभग 40 फीसदी लोगों ने कंडोम के इस्तेमाल से परहेज किया है।
हरियाणा में कंडोम इस्तेमाल करने वालों की संख्या में 30 फीसदी, महाराष्ट्र् में 25 फीसदी, झारखंड में 24 फीसदी, गुजरात में 17 फीसदी और उत्तर प्रदेश में 12 फीसदी लोगों की कमी आई है।
एम्स के वरिष्ठ चिकित्सक डाय रामचंदानी कहते हैं कि परिवार नियोजन के कई नए और आसान तरीके आ गए हैं।
एक गोली और एक इंजेक्शन कई महीनों तक काम करता है। इसलिए कंडोम के इस्तेमाल में कमी आई है।