केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने सुझाव दिया है कि यदि कोई पुलिसकर्मी शिकायत दर्ज करने से इन्कार करता है तो उसे तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए, क्योंकि शिकायत दर्ज नहीं करना कानून का उल्लंघन है।
सिंह के मुताबिक लोगों को शिकायत दर्ज कराने से लेकर अपनी शिकायत पर हुई कार्रवाई का पता लगाने तक हर कदम पर मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस रवैये को बदलना होगा। महिलाओं, कमजोर तबकों या गरीबों के लिए थाने जाना ही अपने आप में मुश्किल है। बिना स्थानीय विधायक की मदद के किसी शिकायत पर कार्रवाई का पता लगा पाना अत्यंत कठिन है।
सिंह ने कहा कि माहौल ऐसा होना चाहिए जिसमें महिलाएं एवं कमजोर तबकों के लोग बिना किसी कठिनाई के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। उन्होंने कहा कि छेड़छाड़ जैसी घटनाओं की जानकारी पुलिस को देने के क्रम में आने वाली मुश्किलों के कारण ही कई लोग थाने जाने से हिचकते हैं।
सिंह ने देश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन में कहा कि समय आ गया है जब एक देश के रूप में हम जागें। महिलाओं और कमजोर तबकों की सुरक्षा करने में हमारी असमर्थता एक बड़ी समस्या है। यह सम्मेलन दिल्ली में चलती बस में 23 साल की एक युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और दरिंदगी की घटना के बाद आयोजित किया गया था।
गृहसचिव ने कहा कि सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं, लेकिन सिर्फ वही काफी नहीं है। लोगों के रवैये में भी परिवर्तन होना चाहिए। लोगों को महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के सदस्यों को सम्मान देना सीखना होगा। महिलाओं की सुरक्षा के लिए आधारभूत ढांचा तैयार करना होगा। सिंह के अनुसार किसी भी मामले में जांच समयबद्ध तरीके से होनी चाहिए और सीआरपीसी के मुताबिक यह तीन माह में पूरी होनी चाहिए।