अखिलेश यादव ने जब से उत्तर प्रदेश की बागडोर अपने हाथ में ली है तब से राज्य में अब तक नौ जगहों में सांप्रदायिक हिंसा हो चुकी है। फैजाबाद राज्य का 9वां शहर है, जहां सांप्रदायिक हिंसा के कारण तनाव फैला है। हालांकि राज्य के खुफिया अमले से जुड़े अधिकारियों ने त्यौहारों के दौरान ऐसी वारदातों के होने की आशंका जताई थी पर पुलिस महकमा की तैयारियां इनके लिए नाकाफी साबित हुईं।
गौरतलब है कि फैजाबाद में बुधवार को दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के दौरान एक लडकी से छेड़छाड़ की घटना के बाद हिंसा भड़क उठी। एक धार्मिक स्थान के पास बीस दुकानों तथा कुछ वाहनों में आग लगा दी गई। उपद्रवियों को काबू करने के लिए की गई पुलिसिया कार्रवाई में 24 लोग घायल हो गए।
सपा सरकार में हुई सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं
-सांप्रदायिक हिंसा की पहली घटना जून में प्रतापगढ़ में हुई।
-इसी महीने में मथुरा का कोसीकलां इलाका हिंसा का गवाह बना। कोसीकलां में पुलिस फायरिंग के दौरान दो लोग मारे गए।
-जुलाई और अगस्त में बरेली शहर लंबे समय तक कर्फ्यूग्रस्त रहा। हिंसा में पांच लोगों की मृत्यु हुई थी और कई घायल हुए थे।
-लखनऊ में भी अगस्त में उस समय सांप्रदायिक तनाव बढ गया था जब कुछ असामाजिक तत्वों ने महात्मा बुद्ध और भगवान महावीर की प्रतिमा खंडित कर दी थी।
-अमेरिका की विवादास्पद फिल्म 'इनोसेंस ऑफ मुसलिम' को लेकर कानपुर और इलाहाबाद में हिंसा हुई।
-गाजियाबाद के मसूरी में धर्मग्रंथ के पन्नों को लेकर सांप्रदायिक हिंसा में तीन लोग मारे गए।
-सीतापुर में भी हिंसा की घटनाएं हुईं थीं।