ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब सहारनपुर के माहौल बिगाड़ने की हरकत की गई हो। एक महीने से कम समय में ही बेहट में टकराव हुआ। इससे पहले धर्मस्थलों पर खुराफात कर फिजा बिगाड़ने की कोशिश हुई, मगर किसी भी मामले में पुलिस खुराफातियों तक नहीं पहुंच पाई।
आलम यह है कि सितंबर में मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान सहारनपुर में कई घटनाओं से माहौल में तनाव फैला। कुछ लोगों की जानें गई, मगर पुलिस एक भी मामले का खुलासा नहीं कर पाई।
कार सवार युवकों ने फेंका बम
एहतियात के तौर पर घटनास्थल के आसपास पुलिस तैनात कर दी गई है। फजल की नमाज के बाद सोमवार सुबह करीब साढ़े छह बजे मौलवी अब्दुल्ला पास ही चाय पीने निकले। धर्मस्थल में जमात भी आई हुई थी और लोग अपने कामों में लगे थे।
इसी दौरान अचानक तेज धमाका हुआ और धर्मस्थल के मेन गेट पर धुआं निकलता दिखाई दिया। आवाज सुनकर मौलवी तेजी से धर्मस्थल की ओर भागे। वहां से एक सेंट्रो कार तेजी से उनकी आंखों से ओझल हो गई।
शरारती तत्वों ने सुतली बम फेंका
धर्मस्थल पर सुतली बम से धमाका कर खुराफातियों ने सहारनपुर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। पुल जोगियान स्थित धर्मस्थल पर कार सवार अवांछनीय तत्वों ने यह हरकत की और फरार हो गए।
हालांकि भाग रहे कार सवार एक स्कूटर से टकराए और वहां लोगों ने कार का नंबर नोट किया गया, मगर जांच में कार का नंबर फर्जी पाया गया। इस घटना के बाद शहर में तनाव फैल गया। समाज के जागरूक लोगों ने माहौल शांत कराया।
पुलिस ने शुरू की जांच
पहले तो उन्हें मामला समझ ही नहीं आया, मगर गेट के पास आने पर सुतली बम के अवशेष मिले। भाग रही बेकाबू कार आगे कुछ दूर चलकर स्कूटर सवार से टकराई।
वहां लोगों ने उसका नंबर भी नोट किया। जब तक लोग कार तक पहुंच पाते, खुराफाती कार सहित फरार हो गए।
इस घटना से शहर में तनाव फैल गया। मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। इस बीच समाज के मोअज्जिज लोग भी वहां पहुंचे। मौलवी फरीद, शायान मसूद आदि कई लोगों ने माहौल शांत कराया। पुलिस भी पहुंची और पूछताछ की।
सुतली बम के अवशेष और अन्य जानकारियां लेकर पुलिस वापस लौट गई। एसएसपी राजेश पांडेय ने भी मौका मुआयना किया। जांच में कार का नंबर स्कूटर का बताया गया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।