अजमल आमिर कसाब की फांसी के बाद अपनी पीठ ठोंक रही सरकार के खिलाफ अरविंद केजरीवाल ने नया मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा है कि मुंबई हमले में देश की ओर से लड़ने वाले एक कमांडो को आज तक पेंशन नहीं दी गई। केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि चार साल पहले 26/11 के हमले में लड़ने सुरिंदर सिंह के साथ सरकार का बर्ताव बेहद खराब है।
गुरुवार को केजरीवाल ने एनएसजी कमांडो सुरिंदर सिंह को मीडिया के सामने पेश किया। सुरिंदर ने मुंबई हमले में घायल हुए थे। इसके बाद शारीरिक तौर पर अयोग्य होने के कारण उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। पत्रकारों से बातचीत में सुरिंदर ने बताया कि नौकरी से निकाले जाने के बाद उन्हें कोई पेंशन नहीं मिल रही है।
उन्होंने कहा कि उन्हें अपना इलाज भी अपने पैसे से कराना पड़ रहा है। सुरिंदर ने कहा, 'मुझसे कहा गया कि इसके पैसे नहीं मिल सकते क्योंकि विभाग को पहले नहीं बताया था कि मैं चोटिल हूं और इलाज करा रहा हूं। सुरिंदर ने पेंशन के बारे में जानकारी लेने के लिए सूचना के अधिकार का सहारा भी लिया लेकिन विभाग ने उनके सवालों के जवाब यह कहते हुए नहीं दिया कि यह विभाग इस कानून के तहत नहीं आता।
सुरिंदर ने कहा कि सरकार कह रही है कि उन्हें घायलों को दी जाने वाली पेंशन यानी लगभग 25,000 रुपए हर महीने दिए जा रहे है लेकिन बात पूरी तरह झूठी है। उन्होंने कहा कि 13 महीने से लगातार ये कहा जा रहा है कि मुझे पैसा दिया जाएगा लेकिन आज तक कोई पैसा नहीं मिला है।
वहीं सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा है कि सुरिंदर को 31 लाख रुपए दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस बारें में सारी जानकारी सेना मंत्रालय देगा। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने भी टवीट् किया है कि सुरिंद्र सिंह को उनकी सारी देय राशी दी गई है।