चुनाव आयोग ने भविष्य में मतदाताओं को रंगीन प्लास्टिक आई कार्ड जारी करने का फैसला किया है।
जिन मतदाताओं के पास पहले से कार्ड हैं वे पुराने कार्ड जमा करा कर नया कार्ड बनवा सकेंगे।
इसके लिए उनसे कार्ड की कीमत भी वसूल की जाएगी, जबकि पहली बार मतदाता कार्ड बनवाने वालों को यह निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
उप निर्वाचन आयुक्त डा. आलोक शुक्ला ने बुधवार को बताया कि आयोग अभी तक फोटो मतदाता पहचान पत्र कागज शीट पर एक रंग में बना रहा है।
कार्ड लेमिनेट करके लोगों को उपलब्ध कराया जाता है। भविष्य में प्लास्टिक की मोटी शीट पर यह कार्ड बनाया जाएगा। इसके साथ ही यह कार्ड आकर्षक व रंगीन भी होगा।
शुक्ला ने बताया कि देश में लगभग 75 करोड़ मतदाता हैं। देश के दो राज्यों असम व नगालैंड को छोड़कर बाकी हिस्सों में 95 फीसदी मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं।
चुनाव अयोग में आयोजित एक वर्कशाप में उपचुनाव आयुक्त ने मतदाता पहचान पत्र बनाने के संबंध में चर्चा के दौरान बताया कि आयोग रंगीन कार्ड बनाने का फैसला आयोग ले चुका है।
लेकिन अभी इसकी कीमत पर अंतिम फैसला बाकी है। उन्होंने कहा कि नए कार्ड को बनाने पर 35 से 50 रुपये प्रति कार्ड खर्च आने की उम्मीद है।
नया वोटर पहचान पत्र देखने में स्मार्ट होगा किंतु स्मार्ट कार्ड की तर्ज पर इसमें किसी तरह की इलेक्ट्रानिक चिप अथवा बारकोड की सुविधा नहीं होगी।
पुराने मतदाता पहचान पत्र धारकों को नया कार्ड किस शुल्क पर दिया जाए यह तय होते ही चुनाव आयोग नए रंगीन वोटर कार्ड का खाका जारी कर इस पर अमल शुरू कर देगा।