पेट्रोलियम मंत्रालय जासूसी कांड के बाद दिल्ली पुलिस ने कोयला व ऊर्जा मंत्रालय में सक्रिय मॉड्यूल का पता लगाया है। पुलिस ने इस संबंध में नोएडा स्थित एक निजी कंपनी इंफ्रालाइन एनर्जी के कर्मचारी लोकेश शर्मा (33) को गिरफ्तार किया है। आरोपी से मंत्रालयों के फर्जी आई कार्ड और कुछ अहम व गोपनीय दस्तावेज बरामद हुए हैं।
उसकी निशानदेही पर सोमवार को तीनों मंत्रालयों के सात लोगों को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मामले में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस इस जासूसी कांड में कुछ और मॉड्यूल सक्रिय होने की संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है।
लोकेश कोयला व ऊर्जा मंत्रालय में तैनात कर्मचारियों की मदद से अहम दस्तावेज लीक करवाता था। बता दें कि पेट्रोलियम मंत्रालय जासूसी कांड में दिल्ली पुलिस अब तक दो अलग-अलग मॉड्यूल के कुल 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को राकेश व लालता प्रसाद के अलावा कोयला व ऊर्जा मंत्रालय में भी इसी तरह के एक अन्य मॉड्यूल का पता चला था। इस मॉड्यूल को उत्तम नगर के मोहन गार्डन का रहने वाला लोकेश शर्मा चला रहा था।
पुलिस की गिरफ्त में आया नया आरोपी
पुलिस ने कहा कि लोकेश की गतिविधियों पर सर्विलांस के जरिये नजर रखी जा रही थी। पुलिस ने रविवार रात लोकेश को द्वारका इलाके से दबोच लिया। छानबीन के बाद पुलिस ने धारा 457, 380, 465, 471, 411, 120 बी और धारा 34 के तहत रविवार को एक नई एफआईआर दर्ज की है।
लोकेश ने खुलासा किया कि वह कई सालों से मंत्रालयों में तैनात कर्मचारियों की मदद से महत्वपूर्ण कागजात चुराता था। इसके एवज में कर्मचारियों को मोटी रकम दी जाती थी।
आरोपियों ने पुलिस पर कोरे कागज पर दस्तखत कराने का आरोप लगाया
दिल्ली पुलिस ने तीन दिन के रिमांड के बाद जासूसी कांड में गिरफ्तार पत्रकार और कंसलटेंट फर्म के सीईओ समेत चार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। आरोपियों ने पुलिस पर कोरे कागजों पर दस्तखत कराने का आरोप लगाया है।
दिल्ली पुलिस ने सोमवार को पत्रकार शांतनु सैकिया, कंसलटेंट प्रयास जैन, लालता प्रसाद व राकेश कुमार को तीन दिन के रिमांड के बाद पटियाला हाउस अदालत में पेश किया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों से पूछताछ हो चुकी है, इसलिए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाए।