योजना आयोग को खत्म करने की प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर एक टीवी कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के कांग्रेसी मुख्यमंत्री हरीश रावत और महाराष्ट्र के भाजपाई सीएम देवेंद्र फडणवीस आपस में भिड़ गए।
रावत ने एनडीए सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि इससे देश में अस्थिरता आएगी, वहीं फडणवीस ने दावा किया कि इससे राज्यों के अधिकारों में बढ़ोतरी होगी।
रावत ने कहा कि योजना आयोग जैसी संस्थाएं समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं और इन्होंने संघीय ढांचे में भी राज्यों के साथ न्याय किया है। उन्होंने कहा कि बिनी किसी सर्वसम्मत विकल्प के किसी को भी इसे खत्म करने की बात नहीं करनी चाहिए।
वहीं फडणवीस ने केंद्र सरकार के इस कदम का बचाव किया। उन्होंने रावत की ओर से उठाई गई चिंताओं को आधारहीन बताया। उन्होंने कहा कि सरकार अभी सिर्फ इसे समाप्त करने की प्रक्रिया में है, योजना अयोग अब भी अस्तित्व में है।
उन्होंने कहा कि जब तक नई संस्था नहीं आ जाती तक तक योजना आयोग अपना काम करता रहेगा। रावत ने पीएम मोदी पर आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि इस बारे में राष्ट्रीय आम सहमति बनाने के दौरान किसी राजनीतिक पार्टी से सलाह नहीं ली गई।
वहीं फडणवीस ने कहा कि मोदी मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और विपक्षी नेता तीनों के तौर पर काम कर चुके हैं, ऐसे में उन्हें पता है कि इस मुद्दे पर आगे कैसे बढ़ना है।