उ्त्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि आरएसएस के लोग बेतुकी बातें और बयान देकर भारत के सर्वधर्म समभाव वाले समाज को तोड़ने की कोशिश करते हैं, जबकि सपा सरकार ने हमेशा देश-प्रदेश में मजहबी एकता कायम रखने और भाईचारा बढ़ाने का काम किया है। शुक्रवार को सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां की शादी में शिरकत करने आए मुख्यमंत्री पुलिस लाइंस में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने आरएसएस के प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य द्वारा सभी भारतीयों को हिंदू बताने और देश में कोई भी अल्पसंख्यक न होने के बयान पर कहा कि दूसरे लोग जो भी कहें, सपा की हमेशा भाईचारा बढ़ाने और समाज केसभी वर्गों की जिंदगी को बेहतर बनाने की कोशिश करती रही है। नेताजी (मुलायम सिंह यादव) भी यही प्रयास कर रहे हैं। बोले, जनता बहुत समझदार है और किसी के कुछ कहने से उस पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।
मुख्यमंत्री ने लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें सुलभ कराने के लिए प्रदेश के बुनियादी ढांचे की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि इसके लिए जनता से जो वायदे किए गए, उन्हें पूरा करने के अलावा बहुत कुछ किया जा रहा है। यूपी के आगे बढ़ाने के मकसद से किसानों के लिए कृषि क्षेत्र का विकास हो रहा है। नौजवानों को रोजगार देने की कोशिश हो रही है।
स्वास्थ्य शिक्षा को बढ़वा देने के लिए नए मेडिकल कॉलेज खोलकर सूबे में एमबीबीएस की 500 सीटें बढ़ाई गईं हैं। घोषणा की कि शाहजहांपुर के गन्ना शोध संस्थान को कृषि विश्वविद्यालय का दर्जा देने का प्रस्ताव अगले बजट में शामिल किया जाएगा। कहा, बहुत जल्दी समाजवादी पेंशन भी शुरू हो जाएगी, जो देश में गरीबों के लिए सबसे बड़ी पेंशन योजना साबित होगी।
तापीय परियोजनाओं के लिए कोयला संकट का हवाला देने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सबको पता है कि प्रदेश में कोयला की खान नहीं है। बिजली कारखानों के लिए कोयले की उपलब्धता केंद्र सरकार पर निर्भरता है। इसके लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कोयला उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है।