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श्रीनि को क्लीन चिट, मयप्पन, रमण और कुंद्रा फंसे

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आईपीएल छह में स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी मामले की जांच कर रही जस्टिस मुदगल समिति की जो रिपोर्ट सु्प्रीम कोर्ट को सौंपी गई है उसके मुताबिक बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन का मामले से कोई लेना देना नहीं था, लेकिन उनके दामाद गुरूनाथ मयप्पन, आईपीएल के सीईओ सुंदर रमण और राज कुंद्रा इस मामले में सीधे तौर पर शामिल थे।
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समिति ने अपनी इस रिपोर्ट में कहा है कि आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में मयप्पन और विंदू दारा सिंह के बीच की बातचीत सही थी। गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की पिछली सुनवाई में जिन चार नामों का खुलासा हुआ था उनमे श्रीनिवासन भी एक थे, मगर अब रिपोर्ट के इस खुलासे से इस पूरे मामले में नया मोड़ आ सकता है।

वैसे तो समिति ने इस मामले में श्रीनिवसान को क्लीन चिट दी है लेकिन उसने इतना जरूर कहा है कि उन्हें सबकुछ पता था, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि आईपीएल के सीईओ की सट्टेबाजों के साथ कई बार बातचीत हुई थी। इसके मुताबिक आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल के मालिक राज कुंद्रा सट्टेबाजों के संपर्क में थे।
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इस रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि मयप्पन सट्टेबाजी और स्टैंड्स से जानकारी पहुंचाने का काम किया करते थे। ऐसे में राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपरकिंग के भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। आईपीएल के मौजूदा नियमों के मुताबिक, अगर किसी भी टीम से जुड़ा अधिकारी गलत हरकतों में संलिप्त पाया जाता है तो उसकी फ्रेंचाइजी बर्खास्त की जा सकती है।
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कुंद्रा, रमण और मयप्पन के लिए मुश्किल

जस्टिस मुदगल समिति की रिपोर्ट ने यह खुलासा किया है कि श्रीनिवासन फिक्सिंग या सट्टेबाजी में शामिल नहीं पाए गए हैं, लेकिन श्रीनिवासन के दामाद गुरूनाथ मयप्पन, राजस्थान रायल्स के सह मालिक राज कुंद्रा और आईपीएल सीईओ सुंदर रमण सभी ने कथित तौर पर सट्टेबाजों से संपर्क किया था।

वहीं बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष शिवलाल यादव ने कहा है कि फिक्सिंग और सट्टेबाजी मामले में जो कोई भी लिप्त पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ज्ञात हो कि इससे पहले 14 नवंबर को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सात नामों का खुलासा किया था जिनसे जांच समिति ने पूछताछ की थी।

इसी बीच सुप्रीम कोर्ट की बोर्ड को हिदायत भी दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बीसीसीआई के चुनाव पर फिलहाल कोई पाबंदी नहीं लगाई जाएगी। मगर इसके साथ ही कोर्ट ने बोर्ड से कहा है कि बीसीसीआई इस फैसले के बाद ही चुनाव करवाए। गौरतलब है कि वरिष्ठ वकील राजू रामचंद्रन ने मुद्गल कमेटी की ओर से 3 नवंबर को एक सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को एक रिपोर्ट सौंपी थी।

जब इस मामले में बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला से बात की गई तो उन्होंने कहा कि श्रीनिवासन पर पहले भी कोई चार्ज नहीं था जो भी चार्ज था वो मयप्पन पर था। उन्होंने कहा कि उन पर तो पहले भी कोई मामला नहीं था। अब जहां तक टीम का सवाल है तो इस पर 24 तारीख का कोर्ट का फैसला आने के बाद ही कुछ कहा जाना चाहिए।
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