भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने रविवार को यहां साफ सुथरी राजनीति को लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी करार दिया है। आडवाणी के अनुसार यह एक ऐसी कसौटी है जिससे लोग नेताओं का मूल्यांकन करते हैं और उनकी पार्टी इस अहम सिद्धांत पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समर्थक सांस्कृतिक एवं बौद्धिक मंच ‘भारतीय विचार केंद्रम’ की 30वीं वर्षगांठ पर आयोजित एक बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा नेता ने कहा, जब आप सत्ता से बाहर हों तो आपको साफ-सुथरी राजनीति प्रदान करने के काबिल होना चाहिए। साथ ही जब आप सत्ता पर काबिज हों तो आपको बेहतर प्रशासन देना चाहिए। जनता इसी से सार्वजनिक जीवन में मौजूद लोगों का मूल्यांकन करती है।
हालिया घोटालों और आरोपों का बिना किसी का नाम लिए हवाला देते हुए आडवाणी ने कहा कि इन चीजों को खत्म करने के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता डिगने वाली नहीं है। राजनीति में अपनी लंबी पारी की कई महत्वपूर्ण घटनाएं याद कर भावुक हुए आडवाणी ने कहा कि कुछ कमियों के बावजूद भारत ने देश की आजादी के वक्त रही पश्चिमी देशों की इस धारणा को निर्मूल साबित कर दिया है कि देश में लोकतंत्र कायम नहीं रह पाएगा।
आडवाणी ने कहा कि न केवल भारत एक सफल लोकतांत्रिक देश साबित हुआ है बल्कि निकट भविष्य में यह चीन के साथ दुनिया का एक प्रभुत्वशाली देश बनने जा रहा है। कांग्रेस पर अप्रत्यक्ष तौर पर हमला करते हुए आडवाणी ने कहा कि कुछ पार्टियों में परिवारवाद की परंपरा जारी है। वाम दलों पर प्रहार करते हुए आडवाणी ने कहा कि ऐसी पार्टियां देश में छुआछूत की राजनीति करती हैं।
देश की राजनीतिक पार्टियों में बरकरार ‘छुआछूत’ को समाप्त करने का उचित समय अब आ गया है। आडवाणी ने अप्रत्यक्ष रूप से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि वाम दलों के लंबे शासन का अंत करने में व्यक्तिगत समर्पण और प्रतिबद्धता ने अहम भूमिका निभाई।
कुछ कमियों के बावजूद भारत ने देश की आजादी के वक्त रही पश्चिमी देशों की इस धारणा को निर्मूल साबित कर दिया है कि देश में लोकतंत्र कायम नहीं रह पाएगा।
- लालकृष्ण आडवाणी, भाजपा नेता