राज्य के लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन सेना की घुसपैठ से पैदा संकट बरकरार है। दौलत बेग ओल्डी सेक्टर के 19 किमी भीतर भारतीय क्षेत्र में काबिज चीन सैनिकों ने अपनी पोजिशन नहीं बदली।
इससे अब लद्दाख की जनता में तनाव भी बढ़ रहा है। इस सिलसिले में चीन और भारतीय सेना की कमांडर स्तर पर होने वाली बैठक भी नहीं हो सकी।
सूत्रों के मुताबिक सोमवार को ही चीन सैनिकों ने दौलत बेग ओल्डी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा का उल्लंघन कर एक और टेंट स्थापित कर लिया था। इससे अब तक इस जगह पर चीन सैनिकों के पांच टेंट लग चुके हैं।
सूत्रों ने बताया कि लद्दाख हिल विकास परिषद ने भी चीन की क्षेत्र में बढ़ती देश विरोधी गतिविधियों पर चिंता जाहिर करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को इसके गंभीर परिणामों से आगाह किया है।
अलबत्ता उत्तरी कमान मुख्यालय से इस संबंध में कोई आला सैन्य अफसर बोलने को तैयार नहीं।
गौरतलब है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) वास्तविक नियंत्रण रेखा पर दौलत बेग ओल्डी सेक्टर में घुसपैठ के बाद लद्दाख डिवीजन के कारगिल जिले से सटी एलओसी पर सेना की चौकसी बढ़ गई है।
सेना ने द्रास, मस्को वेली, तुर्तुक, बटालिक और ककसार सेक्टरों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर दी है। इसी इलाके में 1999 में पाकिस्तानी घुसपैठियों के साथ भारतीय सेना को संघर्ष करना पड़ा था।
चीन की घुसपैठ के बाद सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कारगिल क्षेत्र में एलओसी पर अब सेना कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।