पिछले सप्ताह पाकिस्तान की यात्रा रद्द कर चुके चीन राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे की तारीखें तय हो गई हैं। चीनी राष्ट्रपति 17 सितंबर को गुजरात की राजधानी अहमदाबाद आएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उस दिन अहमदाबाद में ही होंगे।
17 सितंबर को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। चीन राष्ट्रपति ने उस दिन नरेंद्र मोदी को 'बर्थडे गिफ्ट' देने की योजना भी बनाई है। दरअसल 17 सितंबर को दोनों मुल्क आपसी सहयोग के दो समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की उपस्थिति में ये समझौते गुजरात सरकार और चीन के प्रांत गुआंगडांग, अहमदाबाद नगर निगम और चीन के तीसरे सबसे बड़े शहर गुआंगझाऊ के बीच होंगे।
उल्लेखनीय है कि चीनी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के आंतरिक हालात के मद्देनजर पिछले हफ्ते वहां की यात्रा रद्द कर दी थी।
'भारत के लिए सैन्य चुनौती नहीं है चीन'
वहीं, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले चीन ने साफ किया कि वह भारत के लिए सैन्य चुनौती नहीं है। चीन के सहायक विदेश मंत्री लु जिआनचाओ ने कहा है कि चीन और भारत के नेता मिलकर काम करने और अपने मतभेदों को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत और चीन साझा हितों वाले विकासशील देश हैं।
चीन के सहायक विदेश मंत्री ने कहा कि चीन और भारत की दोस्ती हजारों साल पुरानी है। चीन ने भारत को काबू करने या उसे घेरने के लिए कभी भी सैन्य ताकत का इस्तेमाल नहीं किया है और न ही आगे कभी करेगा। भारत और चीन के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्द्धा नहीं है और दोनों के रिश्तों में ‘घेरा’ जैसा कोई शब्द नहीं है।
माना जा रहा है कि चीन भारत के पड़ोसी देशों में अपना असर बढ़ा कर भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है।
चीन से रिश्तों को परवान चढ़ाने की कोशिश में मोदी
चीन के राष्ट्रपति भारत के साथ ही श्रीलंका, ताजिकिस्तान और मालदीव की यात्रा भी करेंगे। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इन दिनों जिनपिंग की भारत यात्रा की तैयारी के सिलसिले में चीन में हैं।
गौरतलब है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दक्षिण एशियाई देशों की यात्रा के बाद चीन और जापान की ओर इस दिशा में पहल की जा रही है। मोदी ने भूटान, नेपाल और जापान की यात्रा कर अपने इस अभियान को और रफ्तार दी है।
हाल की जापान यात्रा को दौरान उन्होंने चीन की कथित विस्तारवादी नीति पर परोक्ष तौर पर टिप्पणी की थी। हालांकि मोदी चीन से भी रिश्तों को परवान चढ़ाने की कोशिश हैं।
चीन के राष्ट्रपति जी शिनपिंग की भारत यात्रा से पहले उन्होंने वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमन को बीजिंग भेज कर रिश्तों को मजबूत बनाने का इरादा जाहिर कर दिया था।