ओडिशा के संभलपुर में बृहस्पतिवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तीन साल की बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या करने के दोषी शख्स को फांसी की सजा सुनाई। दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में देश में एक हफ्ते के अंदर यह दूसरी बार फांसी की सजा सुनाई गई है।
जज को मुकदमे की सुनवाई पूरी करने में चार माह से कम समय ही लगा। संभलपुर के अतिरिक्त जिला जज (फास्ट ट्रैक) अशोक कुमार पांडा ने जिले के बुधियापल्ली गांव के थिडू मुंडा को आईपीसी की धारा 302 के तहत फांसी की सजा सुनाई। जबकि आईपीसी की धारा 376 (एफ) (2) के तहत उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई। मुंडा को इस मामले में 11 जनवरी को दोषी करार दिया गया था।
मुंडा ने पिछले साल 4 अक्तूबर को आदिवासी बच्ची को खाने के बहाने बुलाया और दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी। घटना के सात दिन बाद उसकी लाश जंगल से बरामद की गई। बाद में मुंडा को झारसूगुडा से गिरफ्तार किया गया था। मुंडा का कुछ दिन पहले ही अपनी पत्नी से अलगाव हो गया था।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिल्ली के द्वारका फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अपनी स्थापना के दस दिन के भीतर ही 15 दिसंबर को एक 56 वर्षीय फॉर्म हाउस गार्ड को तीन साल की मासूम के साथ दुष्कर्म और हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई थी।