भारत के मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने कहा है कि दूसरे प्रोफेशन की तुलना में आज एक वकील के लिए दुल्हन पाने की संभावना कम हो गई है। शादी के लिए अधिवक्ताओं की कोई कीमत नहीं है।
यदि वकील अपनी अहमियत बढ़ा लें और इस क्षेत्र में आना कठिन हो जाए तो निश्चित तौर पर उनकी स्थिति में सुधार आएगा। जस्टिस ठाकुर के अनुसार देश में 20 लाख से अधिक अधिवक्ता हैं।
न्यायिक क्षेत्र में अधिक भीड़ होने का नतीजा भ्रष्टाचार तथा वकीलों की प्रतिष्ठा कम होने के रूप में सामने आया है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब कहीं और प्रवेश न मिलने पर लोग एलएलबी में दाखिला लेते थे।