केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भाजपा और उसके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को मुस्लिम विरोधी करार देते हुए कहा है कि अगर लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस सरकार बनाने की स्थिति में आती है तो पीएम राहुल गांधी होंगे।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक में अगले प्रधानमंत्री के बारे में पूछे गए एक सवाल पर चिदंबरम ने कहा कि साल 2004 में सोनिया गांधी को नेता चुना गया था, लेकिन अगले दिन ही उन्होंने पीएम बनने से इनकार कर दिया था।
इस कारण मनमोहन सिंह को यह जिम्मेदारी दी गई। लेकिन, इसका यह मतलब नहीं कि हम फिर से यही मॉडल अपनाएंगे।
चिदंबरम ने कहा कि राहुल में पीएम बनने की पूरी क्षमता है और कांग्रेस को मौका मिलने पर वह ही पीएम बनेंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसकी संभावना बेहद कम है कि किसी एक पार्टी को बहुमत मिलेगा।
मोदी के बारे में चिदंबरम ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री भी कह चुके हैं कि मुस्लिम समुदाय का एक वर्ग ही उनको वोट देता है।
लेकिन, सच्चाई यह है कि उन्होंने अपने राज्य में किसी भी चुनाव में किसी भी मुस्लिम को अपना उम्मीदवार नहीं बनाया।
उन्होंने भाजपा की धर्मनिरपेक्षता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इसका क्या मतलब है। उन्होंने एक सवाल पर कहा कि भाजपा देश के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व नहीं करती।
यहां तक कि वह देश के कई हिस्सों में मौजूद भी नहीं है। उसकी नीतियां ऐसी हैं जिनसे देश बर्बाद हो जाएगा, इस कारण वह खुद भाजपा में शामिल नहीं हुए।
चिदंबरम ने आम आदमी पार्टी (आप) के राजनीति के तरीके की आलोचना करते हुए कहा कि भारत में भीड़-लोकतंत्र की कोई जगह नहीं है। देश में पार्टी आधारित एक सिस्टम है जहां कोई व्यक्ति पार्टी से बड़ा नहीं हो सकता।
दिल्ली में सत्ता संभालने के कुछ सप्ताह के भीतर ही आप की लोकप्रियता घटने लगी है। वह अब भी मानते हैं कि 'आप' को मिली सफलता शहरी मतदाताओं के प्रमुख राजनीति दलों के प्रति विरोध का नतीजा था।
उन्होंने कहा कि एक समय इंदिरा गांधी ने भी आपातकाल के समय अधिकारपूर्ण मॉडल को अपनाया था लेकिन वह विफल रहा और उन्हें वापस लौटना पड़ा।