अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के प्रत्यर्पण का मिशन बेहद खुफिया होगा। किसी को कानों कान खबर नहीं होगी कि छोटा राजन इंडोनेशिया से कब चला और कब मुंबई पहुंच गया। मुंबई अपराध शाखा के सूत्रों की मानें तो 25 साल बाद पहली बार डॉन की दिवाली मुंबई में मनेगी।
वह भी जेल की उस सेल में, जिसमें कभी मुंबई पर हमले के दोषी आतंकी अजमल कसाब को रखा गया था। आशंका है कि प्रत्यर्पण मिशन की खुफिया बातें अगर लीक हुईं, तो दाउद के गुर्गे छोटा राजन को भारत आने से पहले ही अपना निशाना बना सकते हैं।
छोटा राजन को भारत लाने के लिए मुंबई पुलिस की अपराध शाखा तीन महीने से सक्रिय थी। सूत्रों का कहना है कि जुलाई महीने में अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम की छोटा शकील से हुई बातचीत को अपराध शाखा ने पकड़ लिया था।