भारतीय जनता पार्टी ने बिहार में नीतीश कुमार की सरकार को आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों से जोड़ते हुए पूछा है कि क्या इन संगठनों के जरिए उन्हें वोट मिलते हैं? भाजपा ने यही सवाल राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से भी पूछा है।
इस विज्ञापन से प्रतीत होता है कि भाजपा महागठबंधन को मुस्लिम मतदाताओं से मिलने वाले समर्थन पर सवाल उठा रही है।
गुरुवार को बिहार के समाचार पत्रों में दिए विज्ञापन में भाजपा ने सूबे में बीते सालों में हुई आतंकियों की गिरफ्तारियों का विस्तार से उल्लेख किया है और महागठबंधन के दोनों नेताओं से तंज भरे लहजे में पूछा है, ''क्यों आतंकवादियों पर आपकी ऐसी नजरे इनायत रहती है कि देश भर के आतंकी गुट बिहार में ही अपनी पनाहगाह बना लेते हैं। क्यों इंडियन मुजाहिदीन, सिमी और जैश-ए-मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिदीन आपके शासन को मुफीद मानते हैं?"
उल्लेखनीय है कि बिहार में तीन चरणों का चुनाव हो चुका है, दो चरणों का बाकी है। 243 सदस्यीय विधानसभा में जिन 112 सीटों पर मतदान होना शेष है, उनमें से अधिकांश मुस्लिम बहुल हैं। यही कारण है कि विज्ञापन की भाषा और समय पर सवाल भी उठ रहा है।
विज्ञापन में नीतीश सरकार पर इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी तहसीन अख्तर, यासीन भटकल और लश्कर-ए-तैयबा के ओमर मदनी की गिरफ्तारी मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है।