फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काशीनाथ सिंह ने चेतन भगत को कहा बाजारू

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रख्यात हिंदी लेखक काशीनाथ सिंह ने अंग्रेजी के जानेमाने लेखक चेतन भगत पर निशाना साधा है। साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने के बाद सिंह ने कहा कि चेतन भगत एक 'बाजारू' लेखक हैं और उनके साहित्य में गंभीरता का कोई स्थान नहीं है।
विज्ञापन


काशीनाथ सिंह का यह बयान चेतन भगत के उस ट्वीट के जवाब में आया है जिसमें उन्होंने लेखकों के साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने की प्रक्रिया को 'राजनीति से प्रेरित' बताया था। चेतन ने यह सवाल भी उठाया था कि जिन्हें सरकार पसंद नहीं वो अपना पासपोर्ट और विश्वविद्यालय की डिग्रियां वापस क्यों नहीं कर देते?

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक सिंह ने कहा, 'लेखन और पासपोर्ट दो अलग चीजें हैं इसलिए इनको एक साथ जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। हम रचनात्मक लेखक के प्रति कटिबद्ध हैं। जहां तक चेतन भगत की बात है, वह एक बाजारू लेखक हैं। लेखन के लिए जिस तरह की गंभीरता की जरूरत होती है वह उनके काम में नहीं दिखती।'
विज्ञापन
विज्ञापन

'चेतन में गंभीरता की कमी'

उन्होंने चेतन भगत की तुलना मशहूर हिंदी लेखक गुलशन नंदा से की। उन्होंने कहा कि 1970 के दशक में नंदा के उपन्यास पर आधारित कई फिल्मों का निर्माण किया गया। लेकिन नंदा को कभी गंभीर साहित्यकार के रूप में नहीं जाना गया।

गौरतलब है कि यह वही काशीनाथ सिंह है जिन्होंने 'काशी का अस्सी' नामक पुस्तक लिखी थी और इसी किताब के आधार पर 'मोहल्ला अस्सी' फिल्म का निर्माण हुआ। यह फिल्म अपने संवाद और काशी की अल्हड़ परंपरा को दर्शाता है जिसमें सनी देओल, साक्षी तंवर और ओम पुरी जैसे अभिनेताओं ने अभिनय किया है। हालांकि, यह फिल्म अभी तक सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच पाई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें