वित्त मंत्री अरुण जेटली के दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीएम) के अध्यक्ष रहते हुए कथित भ्रष्टाचार के मामले में संसद के दोनों सदनों में कांग्रेस ने जबर्दस्त हंगामा किया। हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही एक बार तो राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। हंगामे के बीच ही जेटली ने खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद कराते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि बतौर उनके डीडीसीए के अध्यक्ष रहते महज 114 करोड़ में 42000 दर्शकों की क्षमता वाले कोटला स्टेडियम का निर्माण किया गया। जबकि कॉमनवेल्थ के दौरान कांग्रेस की सरकार ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के पुनरुद्घार पर ही 900 करोड़ रुपये खर्च कर दिए।
हालांकि लोकसभा में सरकार की उस समय किरकिरी हो गई जब भाजपा सांसद कीर्ति आजाद ने डीडीसीए में हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर डाली। उन्होंने कहा कि वर्तमान जांच सिविल प्रकृति की है, निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई ही उपयुक्त एजेंसी है।