एनआरएचएम घोटाले में फंसे यूपी के पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा, एमएलसी आरपी जायसवाल समेत 9 आरोपियों पर बुधवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एस. लाल की कोर्ट ने चार्ज फ्रेम कर दिए। एफआईआर संख्या-1ई/2012 में यह कार्यवाही की गई।
डासना जेल में बंद कुशवाहा, जायसवाल, जल निगम की सीएंडडीएस शाखा में अकाउंटेंट जेके सिंह, रेजीडेंट इंजीनियर बीएनराम यादव, जीएम पीके जैन, रेजीडेंट इंजीनियर कटार सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर बीएन श्रीवास्तव और कारोबारियों आरके सिंह और नरेश ग्रोवर को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट लाया गया।
कोर्ट ने कुशवाहा और जायसवाल पर आपराधिक षड्यंत्र रचने, पद का दुरुपयोग करने, सेक्शन-8 के तहत बेईमानी से पैसा लेने का चार्ज फ्रेम किया है। ग्रोवर और आरके सिंह पर षड्यंत्र रचने और धोखाधड़ी का चार्ज लगाया गया है जबकि जेके सिंह, बीएनराम यादव, जैन, कटार सिंह, श्रीवास्तव पर आपराधिक षड्यंत्र, गबन, सरकारी पद का दुरुपयोग और धोखाधड़ी का चार्ज लगाया गया है।
ग्रोवर की कंपनी मेसर्स सर्जिकॉन-मेडिक्विक प्रा. लि. के खिलाफ भी चार्ज फ्रेम किया गया है। मामला उत्तर प्रदेश के 134 अस्पतालों के अपग्रेडेशन से संबंधित है। एनआरएचएम योजना के तहत इन अस्पतालों के अपग्रेडेशन में आरोपियों पर करोड़ों की हेराफेरी का आरोप है। न्यायाधीश ने अब गवाही के लिए 6 नवंबर की तारीख निर्धारित की है।