कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले में आरोपी झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा सहित नौ लोगों के खिलाफ विशेष अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं।
कोर्ट ने इन सभी के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र व भ्रष्टाचार के आरोप में अभियोग तय करते हुए अभियोजन पक्ष को मामले में गवाह पेश करने का निर्देश दिया है।
पटियाला हाउस कोर्ट स्थित सीबीआई के विशेष जज भरत पराशर के समक्ष मधु कोड़ा, पूर्व कोल सचिव एचसी गुप्ता, झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एके बसु, वीआईएसयूएल के निदेशक वैभव तुल्सयान व कर्मचारी बसंत कुमार भट्टाचार्य, बिपिन बिहारी सिंह, चार्टर्ड अकाउंटेंट नवीन कुमार तुल्सयान व कोड़ा के करीबी विजय जोशी पेश हुए।
सभी आरोपियों ने अपराध स्वीकार करने से किया इनकार
अदालत ने उन्हें बताया कि सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 420 व 409 के तहत आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, अमानत में खयानत के अलावा भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं में मुकदमा चलाने के पर्याप्त साक्ष्य हैं।
उधर, सभी आरोपियों ने कहा कि वे निर्दोष हैं और उन्हें फर्जी मामले में फंसाया गया है। उन्होंने मुकदमा लड़ने का तर्क रखा। अदालत ने उनका तर्क सुनने के बाद अभियोजन पक्ष को अपने गवाह पेश करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 17 अगस्त तय कर दी।
यह मामला झारखंड स्थित राजहरा नॉर्थ कोल ब्लॉक को कोलकाता की विनि आयरन एंड स्टील उद्योग लिमिटेड (वीआईएसयूएल) को आवंटित करने से संबंधित है। इस समय सभी आरोपी जमानत पर हैं।
सांसद विजय दर्डा समेत छह को बतौर आरोपी समन
कोयला घोटाले में आरोपी कंपनी जेएलडी यवतमाल एनर्जी के केस में सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने आरोपियों को समन जारी किया है।
पटियाला हाउस अदालत के विशेष सीबीआई जज भरत पराशर ने राज्यसभा सांसद विजय दर्डा, उनके पुत्र देवेंद्र दर्डा, पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता, सरकारी अधिकारी केएस क्रोफा, केसी समारिया, जेएलडी यवतमाल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मनोज कुमार जायसवाल को बतौर आरोपी समन जारी किया है।
इन सभी को 20 अगस्त को पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने आरोपियों को आपराधिक साजिश, विश्वासघात, धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के मामले में आरोपी माना है।