अनिल यादव के जाने के साथ लोक सेवा आयोग की पूरी कार्यशैली बदल गई है। तथ्यों और अनियमितता पर पर्दा डालने के लिए आयोग में विगत ढाई साल में एक के बाद एक कई विवादित निर्णय लिए गए हैं। वहीं, इन दिनों आयोग में पारदर्शिता ही प्राथमिकता है।
इसके लिए कार्यशैली में बदलाव के साथ तकनीकी का इस्तेमाल बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए पहल भी हो चुकी है। सचिव सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि आयोग की वेबसाइट को यूजर फ्रेंडली बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। योजना सफल हुई तो प्रतियोगियों को भर्ती तथा रिजल्ट से संबंधित किसी तरह की जानकारी के लिए आयोग नहीं जाना पड़ेगा।
प्रतियोगियों की शिकायतों के लिए प्रकोष्ठ बनेगा। खास यह कि शिकायतों के साथ उनका निस्तारण भी ऑनलाइन होगा। इसके लिए आयोग में अनुसचिव और उनसे बड़े अफसरों को इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। आयोग में इस समय इस वर्ग में 10 अफसर हैं। इन्हें प्रशिक्षित भी किया जाएगा। इसके अलावा अन्य कर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए कार्यशाला आयोजित की
जाएगी। सचिव ने बताया कि आयोग की कार्यप्रणालि दुरुस्त करने, पारदर्शिता,
खर्च पर अंकुश के लिए कई अन्य कदम भी उठाए गए हैं।