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अब यहां से मिलेंगे रेल रिजर्वेशन और साधारण टिकट

Sun, 10 Aug 2014 12:13 AM IST
रणविजय सिंह/अमर उजाला, इलाहाबाद
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टिकट वितरण प्रणाली में रेलवे बड़ा बदलाव करने जा रहा है। रेलवे अब आरक्षित और अनारक्षित टिकट प्रणाली को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में लेकर आने जा रहा है। रेलवे की मदद से खुलने वाले इन टर्मिनल्स को रेलवे ने यात्री टिकट सुविधा केंद्र का नाम दिया है। इस पर नीतिगत निर्णय हो चुका है और नई व्यवस्था जल्द शुरू करने की तैयारी है।
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यह पहली बार है कि रेलवे आरक्षित टिकटों की बिक्री लाइसेंसियों के जरिए करने जा रहा है। इसमें सर्विस चार्ज या कमीशन की वसूली यात्रियों से की जाएगी। इससे यात्रियों पर कुछ अतिरिक्त भार पड़ सकता है।

अभी आईआरसीटीसी ने ई-टिकटों के एजेंट बनाए हैं जबकि अनारक्षित टिकटों के लिए रेलवे ने जनसाधारण टिकट बुकिंग सेवक बनाए हैं। अब इससे अलग आरक्षित टिकटों के लिए रेलवे पहली बार निजी फर्मों को लगाने जा रहा है। नई व्यवस्था के लिए रेलवे ने आठ अगस्त को नीति घोषित कर दी है। इस प्रणाली में द्वितीय श्रेणी और स्लीपर क्लास के लिए 30 रुपये और अन्य श्रेणियों के लिए 40 रुपये प्रति यात्री सर्विस चार्ज या कमीशन लिया जाएगा। इसका 25 फीसदी हिस्सा लाइसेंसियों को मिलेगा। अनारक्षित टिकटों पर एक रुपये प्रति यात्री लिया जाएगा। सर्विस चार्ज टिकट पर दर्ज भी किए जाएंगे।
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एक केंद्र में न्यूनतम चार काउंटर

यह केंद्र सोमवार से शनिवार तक सुबह नौ से रात 10 बजे तक और रविवार को सुबह नौ से रात आठ बजे तक खुलेंगे। इन केंद्रों पर तत्काल टिकट सुबह 11 बजे से बिकेंगे। रेलवे ने तय किया है कि एक केंद्र में न्यूनतम चार काउंटर खोलने होंगे, जिससे यात्रियों को भीड़ का सामना न करना पड़े। अफसरों का मानना है कि जेटीबीएस की तर्ज पर किसी भी शहर में एक से ज्यादा केंद्र खोले जा सकते हैं। रेलवे अफसरों का कहना है कि एजेंसी चयन और सॉफ्टवेयर चेंज करने में तीन से चार महीने लग सकते हैं।

सर्विस चार्ज की वर्तमान दर एक साल के लिए है। बाद में इसे बदला जा सकता है। शर्त है कि पीपीपी में लाइसेंसी को सुविधा केंद्र स्थापित करने से लेकर संचालन, सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और मरम्मत का जिम्मा संभालना होगा। रेलवे आरक्षित और अनारक्षित टिकटों के लिए नेटवर्क, मुफ्त में रंगीन प्रिंटिंग टिकट, पर्सनल कंप्यूटर, प्रिंटर, मॉडम, मल्टी प्लेक्सर का इंतजाम करेगा।

रेलवे बोर्ड के एडीजी पीआर अनिल सक्सेना का कहना है कि पीपीपी आधारित यात्री टिकट सुविधा केंद्र खोलने का फैसला लिया गया है। रेलवे ने नीति जारी कर दी है। इसके हिसाब से पीआरएस प्रणाली के सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव के लिए सेंटर फॉर रेलवे इन्फारमेशन सिस्टम को कहा गया है।
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