गरीब छात्रों को शिक्षा कर्ज पर सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी घटाने पर विचार चल रहा है। मानव संसाधन मंत्रालय के इस प्रस्ताव को लेकर विरोध शुरू हो गया है।
मंत्रालय पर आरोप लगाया गया है कि वे गरीब छात्रों पर ब्याज देने का दबाव बना रही है। गरीब छात्रों को पेशेवर और तकनीकी शिक्षा देने के लिए ब्याज मुक्त शिक्षा कर्ज देने की योजना मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से चलाई जा रही है।
यूपीए सरकार ने ब्याज मुक्त शिक्षा कर्ज देने की योजना की शुरुआत की थी। सूत्रों का कहना है कि मंत्रालय का प्रस्ताव है कि छात्र शिक्षा कर्ज पर ब्याज का 50 फीसदी हिस्सा खुद अदा करें।
बाकी सरकार अदा करेगी। कांग्रेस और उसकी छात्र इकाई एनएसयूआई ने इसका विरोध किया है। एनएसयूआई ने कहा है कि अगर सरकार ऐसा करती है तो वह इसके खिलाफ सड़कों पर उतरेगी।