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DNA डाटा बैंक बनाना मुश्किल: केंद्र

Sun, 14 Sep 2014 08:41 AM IST
पीयूष पांडेय/अमर उजाला, नई दिल्ली
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अज्ञात शवों की पहचान और आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए डीएनए डाटा बैंक तैयार करने पर केंद्र सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि देश में गिनती के फोरेंसिक लैबोरेटरी हैं और जांचकर्ताओं की भी भारी कमी है। ऐसे में डीएनए प्रोफाइल सेवाएं मुहैया कराना मुश्किल है।
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केंद्र ने एक हलफनामे में कहा है कि डीएनए बैंक के लिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षित कर्मियों की जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक एक डीएनए जांचकर्ता प्रतिवर्ष सौ मामलों पर ही काम कर सकता है। देश में प्रतिवर्ष चालीस हजार सैंपल लिए जाएंगे। ऐसे में चार सौ जांचकर्ता चाहिए।

सीडीएफडी हैदराबाद के मुताबिक अभी प्रति मामले के लिए बीस हजार रुपये की लागत आएगी। साथ ही प्रतिवर्ष चालीस हजार अज्ञात शवों की पहचान का खर्च करीब 80 करोड़ रुपये आएगा। लैब की कमी के साथ जांचकर्ताओं भी नहीं है। ऐसे में डीएनए प्रोफाइल सेवा देना मुश्किल है।
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बड़ी संख्या में करनी पड़ेगी कर्मियों की व्यवस्था

सरकार ने कहा है कि डीएनए लैबोरेटरियों में सिर्फ 30-40 तकनीकी जांचकर्ता हैं, जबकि जरूरत 800 से 1000 जांचकर्ताओं की है। ऐसे में बड़ी संख्या में डीएनए टेस्टिंग यूनिट और प्रशिक्षित कर्मियों की व्यवस्था करनी पड़ेगी। डीएनए प्रोफाइल के क्रास मैचिंग के लिए विशेष सॉफ्टवेयर की भी जरूरत है, जो सीडीएफडी हैदराबाद लेने की प्रक्रिया में है। सॉफ्टवेयर में कार्य का प्रशिक्षण अक्तूबर से शुरू होगा।

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग ने सर्वोच्च अदालत में दाखिल हलफनामे में यह भी कहा है कि सरकार दो साल पहले ही मानव डीएनए प्रोफाइलिंग बिल का मसौदा तैयार कर चुकी है। इसमें राष्ट्रीय डाटा बैंक बनाए जाने और विशेष औचित्य के लिए डीएनए प्रोफाइल के उपयोग को भी शामिल किया गया है। बिल के कानून बनने के बाद डीएनए बैंक की कार्यप्रणाली तैयार की जाएगी। क्योंकि बैंक शुरू होने से पहले डीएनए प्रोफाइल के दुरुपयोग से बचाव का समुचित नियम होना जरूरी है।

गौरतलब है कि सरकार ने यह हलफनामा सुप्रीम कोर्ट की ओर से 14 जुलाई को जारी किए गए नोटिस पर दाखिल किया। अदालत ने लापता लोगों और अज्ञात शवों की पहचान के लिए डीएनए डाटा बैंक की मांग वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा था।
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