दिलसुख नगर में लगे सीसीटीवी कैमरों के तार चार दिन पहले ही काट दिए गए थे। जबकि इससे पहले बताया जा रहा था कि उस इलाके के सीसीटीवी कैमरे खराब थे।
आतंकी हमले की सूचना और एलर्ट के बाद भी हैदराबाद में सुरक्षा लचर रही, इस खुलासे से पुलिस की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
वहीं, गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बताया कि आंध्रप्रदेश सरकार ने दोहरे बम विस्फोट की जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया है। दिलसुखनगर धमाके में 16 लोगों की मौत हो गई और 119 घायल हो गए।
केंद्रीय गृह मंत्री आरके सिंह के साथ आज सुबह सवा सात बजे हैदराबाद पहुंचे। शिंदे ने राज्यपाल इएसएल नरसिम्हन और मुख्यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा किया।
बाद में शिंदे उस अस्पताल में भी गए जहां घायलों का इलाज किया जा रहा है। पत्रकारों से बातचीत में शिंदे ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि 119 घायलों में से छह की हालत गंभीर है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने एक जांच दल का गठन कर दिया है।
यह पूछे जाने पर कि इन विस्फोटों के लिए कौन जिम्मेदार है, शिंदे ने कहा कि घटना की पूरी जांच होने के बाद मैं आपको इसकी जानकारी दे सकता हूं। इस समय मैं कुछ नहीं बता सकता। उन्होंने कहा कि सरकार घटना के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाप सख्त कार्रवाई करेगी।