ब्रिटेन में स्नातक स्तर के कोर्सों में दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों के लिए अच्छी खबर है। यूके के विश्वविद्यालयों ने अपने यहां दाखिले के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के 12वीं के सर्टिफिकेट को मान्यता दे दी है।
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने इस जानकारी के अलावा यह भी बताया कि यूके छात्रों को वीजा संबंधी मुद्दों पर भी मदद देने को तैयार है।
यहां आयोजित छठे ब्रिटेन भारत द्विपक्षीय शिक्षा फोरम के मौके पर उन्होंने कहा, "अभी तक सीबीएसई छात्रों को काफी समस्या झेलनी पड़ती थी क्योंकि उनके प्रमाण पत्र कई संस्थानों में मान्य नहीं थे। हमने यह मुद्दा ब्रिटेन के समक्ष रखा था और मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि ब्रिटेन के विश्वविद्यालय अब सीबीएसई के प्रमाण पत्रों को मान्यता देंगे।"
सीबीएसई की परीक्षा पास करने वाले छात्रों को अंडर ग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लेने के लिए एक एड ऑन कोर्स करना पड़ता था क्योंकि भारत की स्कूली शिक्षा ब्रिटेन के मुकाबले एक वर्ष कम है। कुछ संस्थान तो आईईएलटीएस स्कोर की भी मांग करते थे, जो छात्र की अंग्रेजी में दक्षता को बताता है।
बैठक में भारत में पढ़ाई के बाद छात्रों को वर्क वीजा देने के नियमों में छूट देने की बात भी रखी गई। इसके तहत छात्रों को एक साल तक सालाना 20 हजार ब्रिटिश पाउंड के न्यूनतम वेतन पर नौकरी दी जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि ब्रिटिश सरकार के एक कार्यक्रम के तहत अगले पांच साल में 25 हजार युवाओं को भारत में पढ़ने के लिए भेजा जाएगा।