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कर्ज न चुकाने वाली कंपनियों पर चला डंडा

Thu, 19 Sep 2013 12:02 AM IST
प्रशांत श्रीवास्तव/नई दिल्ली
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जानबूझ कर कर्ज न चुकाने वाली कंपनियों पर वित्त मंत्रालय और आरबीआई से हरी झंडी मिलने के बाद बैंक सख्ती के मूड में आ गए हैं।
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इसके तहत बैंक जहां ऐसी कंपनियों के नाम और उनके प्रोमोटर्स के नाम सार्वजनिक कर रहे हैं, वहीं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी करना शुरू कर चुके है।

इसी कड़ी में सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक पंजाब नेशनल बैंक ने 110 कंपनियों की सूची वेबसाइट पर जारी कर दी है। बैंक प्रोमोटर्स के साथ नाम सार्वजनिक कर नैतिक रूप से उन पर कर्ज चुकाने का दबाव डालना चाहता है।

पंजाब नेशनल बैंक द्वारा जारी सूची के अनुसार महुआ मीडिया पर 104.86 करोड़ रुपए, मुजफ्फरनगर के राणा अलॉयस पर 78.95 करोड़ रुपए, दिल्ली के राठी इस्पात लिमिटेड पर 45.52 करोड़ रुपए, केबीएम जेम्स एंड ज्वेलर्स पर 38.51 करोड़ रुपए, काशीपुर के चीमा पेपर लिमिटेड पर 18.06 करोड़ रुपए, लखनऊ के टीएस मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड पर 28.23 करोड़ रुपए बकाया हैं।
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इसके अलावा आगरा के कमल पाइप इंडस्ट्रीज लिमिटेड ,लुधियाना के श्री कैप्रिकॉर्न अलॉयज प्राइवेट लिमिटेड, कानपुर के हिमताज आयुर्वेदिक कॉरपोरेशन, कृष्णा फैशन हाउस, भारतीय हस्तकला उद्योग, सहित देश भर की 110 डिफाल्टर कंपनियों की सूची वेबसाइट पर सार्वजनिक की है।

पंजाब नेशनल बैंक एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार जानबूझ कर कर्ज न चुकाने वाली सूची में ऐसी कंपनियां और उनके प्रोमोटर्स होते हैं, जो कि कर्ज चुकाने की क्षमता रखने के बावजूद कर्ज नहीं चुकाते हैं।

बैंक की समिति ऐसी कंपनियों के प्रोमोटर्स को मौका देती है कि वह अपना कर्ज चुकाएं, नहीं तो उन्हें विलफुल डिफॉल्ट की सूची में डाला जाएगा। इसके बाद बैंक उन पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर देते हैं।

उन्होंने कहा कि हमने सभी ऐसे डिफॉल्टर्स को नोटिस भी भेज दिया है कि वह उनके नाम वेबसाइट पर सार्वजनिक करने जा रहे हैं।

अधिकारी के अनुसार इसके पहले वित्त मंत्रालय और आरबीआई गवर्नर ने भी ने स्पष्ट रूप से बैंकों को निर्देश दे दिया है कि वह जानबूझ कर कर्ज न चुकाने वाली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई करना शुरू कर दें।
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इसके तहत कंपनियों के प्रोमोटर्स पर भी कार्रवाई करना और एफआईआर आदि दर्ज करने की बात कही गई है। यहीं नहीं, बैंक ऐसी कंपनियों को प्रोमोटर्स में बदलाव का दबाव भी डालने की भी तैयारी कर रहे हैं।
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