अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे में घूसखोरी की जांच कर रही सीबीआई ने बुधवार को पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी से करीब चार घंटे पूछताछ की।
पूर्व वायुसेना प्रमुख के साथ 3600 करोड़ रुपये के इस सौदे की कथित दलाली में भूमिका निभाने वाले उनके तीन चचेरे भाईयों से भी लंबी पूछताछ हुई। पूछताछ के दौरान एसपी त्यागी ने खुद पर लगे सभी आरोपों से साफ इंकार किया है।
362 करोड़ रुपये की कथित दलाली के इस मामले की जांच कर रही सीबीआई की प्रीलिमनरी इन्क्वायरी (पीई) में एसपी त्यागी, उनके तीन चचेरे भाइयों जूली त्यागी, डोक्सा त्यागी और संदीप त्यागी के साथ नौ लोगों को नामजद किया गया है।
सूत्रों ने बताया कि तीन त्यागी बंधुओं से सुबह करीब 11:30 बजे से ही सघन पूछताछ की जा रही थी। इन तीनों से यूरोपीय रक्षा बाजार के दो दलाल कार्लो गोरेसा और गुइडो हैश्के से उनकी कथित साठगांठ को लेकर सवाल पूछे गए।
एसपी त्यागी दिन के करीब तीन बजे पूछताछ की इस प्रक्रिया में शामिल हुए। इसके बाद पूर्व वायुसेना प्रमुख को उनके तीनों चचेरे भाइयों के साथ आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की गई।
सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के दौरान पूर्व वायुसेना प्रमुख ने आरोपों से इंकार करते हुए यह भी दावा किया कि उन्हें सौदे में दलाली की कोई रकम नहीं मिली है और न ही उन्होंने कभी सौदे को प्रभावित करने की कोशिश की थी।
सूत्रों ने बताया कि त्यागी ने कहा कि 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर के सौदे के लिए सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के इस पहले चरण के बाद सीबीआई इस मामले में रेगुलर केस (आरसी) यानी एफआईआर दर्ज करेगी।
यूपीए सरकार को कठघरे में खड़ा कर चुके इस सौदे की जांच का मुख्य मकसद यह पता करना है कि भारत में इस दलाली का पैसा किन लोगों तक पहुंचा है।
सीबीआई सबसे पहले उस मनी ट्रेल की जानकारी को पुख्ता कर रही है जो उसे इटली की अदालत में पेश जांच रिपोर्ट से मिली है।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई इस मामले की कैग रिपोर्ट का इंतजार भी कर रही है। यह रिपोर्ट इसी सत्र में संसद में पेश होनी है।
त्यागी पहले एयर चीफ मार्शल
एसपी त्यागी सीबीआई जांच का सामना करने वाले पहले एयर चीफ मार्शल हैं। सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि यदि जांच एजेंसी को त्यागी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पुख्ता साक्ष्य मिलते हैं तो उन पर भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। सीबीआई की ओर से दर्ज पीई में नामजद लोगों में त्यागी ही अकेले पूर्व सरकारी अधिकारी हैं।
क्या है मामला
इटली के जांचकर्ताओं की रिपोर्ट के मुताबिक यूरोप के दो दलालों कार्लो गोरेसा और गुइडो हैश्के ने 2006 में हेलीकॉप्टर सौदे की टेंडर शर्तों में फेरबदल के लिए त्यागी बंधुओं की मदद ली।
रिपोर्ट के मुताबिक जूली, डोक्सा और संदीप त्यागी ने एसपी त्यागी के जरिए यह काम करवाया। दलाली की रकम चंडीगढ़ की दो कंपनी आईडीएस और एयरोमैट्रिक्स के जरिए भारत आई।
जांच एजेंसी ने आईडीएस और एयरोमैट्रिक्स के अधिकारी गौतम खेतान और प्रवीण बख्शी से पहले ही पूछताछ कर चुकी है।