नागरिक विमानन मंत्री अजित सिंह ने कहा है कि भारतीय विमानन उद्योग के लिए दक्ष और पेशेवर विशेषज्ञ तैयार करने के लिए सरकार विमानन विश्वविद्यालय की स्थापना करने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानदंडों सहित विमानन उद्योग से जुड़े सभी पक्षों के बेहतर विकास में यह विश्वविद्यालय सहायक होगा।
अजित सिंह ने यहां इंडो-अमेरिकन चैम्बर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) द्वारा आयोजित सेमीनार का उद्घाटन करते हुए कहा कि विमानन विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर सरकार निर्णय कर चुकी है। अब इस प्रस्ताव पर उद्योग अपने सुझाव दें कि पाठ्यक्रम क्या होना चाहिए और कोर्स इंडस्ट्री की जरूरतों को कैसे पूरा सकते हैं। यह विश्वविद्यालय एक उत्कृष्ट संस्थान होगा और यहां विशेषज्ञ पेशेवर तैयार किए जाएंगे।
सरकार की ओर से विमानन में विदेशी एयरलाइंस द्वारा 49 फीसदी एफडीआई को अनुमति के निर्णय पर उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कदम से भारतीय विमानन कंपनियों को आवश्यक पूंजी उपलब्ध हो सकेगी। देश में विमानन में 49 फीसदी एफडीआई की सीमा अन्य कई देशों के मुकाबले अधिक है। वैश्विक स्तर पर औसत आंकड़ा 26 फीसदी का है।
एयर चार्टर सेक्टर के लिए बनेगा अलग विंग
एयर चार्टर कंपनियों और कॉरपोरेट व व्यक्तिगत तौर पर रखे जाने वाले विमानों में सुरक्षा सुविधाओं की कमी पर चिंता जताते हुए नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा है कि वह एयर चार्टर सेक्टर के लिए एक अलग से विंग बनाएगा। इसके अंतर्गत, सुरक्षा को लेकर बनी समस्या को दूर करने के लिए नियमों और कुशल कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव किया जाएगा।
डीजीसीए प्रमुख अरुण मिश्रा ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि एयर चार्टर सेक्टर के लिए अलग से विंग बनाना महानिदेशालय के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण कार्य है। इस सेक्टर में 144 ऑपरेटर हैं। इनमें से अधिकांश के पास एक या दो एयरक्राफ्ट हैं और उनके पास उचित सुरक्षा तंत्र नहीं हैं।